कराची होगा केंद्र शासित प्रदेश? जानें क्‍या है अनुच्‍छेद 149 जिसे लागू करना चाहते हैं इमरान

पाकिस्तान के कानून मंत्री द्वारा कराची पर अनुच्छेद 149 (4) को लागू करने के बयान के बाद से पूरे सिंध प्रांत से विरोध की आवाजें उठनी शुरू हो गई हैं.

पाकिस्तान की इमरान सरकार कराची शहर में अनुच्छेद 149(4) लागू करना चाह रही है. केंद्रीय कानून मंत्री फरोग नसीम ने गुरुवार को एक स्थानीय टीवी चैनल से बातचीत में कहा था कि, ‘कराची को केंद्र सरकार के अधीन करने के लिए अनुच्छेद 149 (4) को लागू करने का सही वक़्त आ गया है.’

पाकिस्तान के कानून मंत्री द्वारा कराची पर अनुच्छेद 149 (4) को लागू करने के बयान के बाद से पूरे सिंध प्रांत से विरोध की आवाजें उठनी शुरू हो गई हैं. विपक्ष ने इस बयान को पाक के खिलाफ साजिश बताते हुए कानून मंत्री के इस्तीफे तक की मांग कर डाली.

आर्थिक राजधानी कराची

बता दें कि अनुच्छेद 149 (4) लागू होने से पाक की आर्थिक राजधानी कराची केंद्र शासित क्षेत्र बन जाएगा. कराची पाकिस्तान के सबसे बड़े शहरों में गिना जाता है, जिस तरह भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई मानी जाती है वैसे ही पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची को कहा जाता है.

कराची में अनुच्छेद 149 (4) लागू करने की बात पर बीते गुरुवार को बिलावल भुट्टो जरदारी ने इमरान सरकार पर आरोप लगाया था कि वह कराची पर कब्जा करने की मंशा रखते हैं.

‘जम्हूरियत का जनाजा निकाल रहे इमरान’

बिलावल भुट्टो ने कहा था कि एक तरफ इमरान कहते हैं कि कश्मीर में मानवाधिकार के उल्लंघन पर दुनिया के हर मंच पर आवाज उठाएंगे और दूसरी तरफ अपने ही मुल्क में मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं. एक तरफ कश्मीर में जम्हूरियत की बात कर रहे हैं और दूसरी तरफ अपने यहां जम्हूरियत का जनाजा निकाल रहे हैं.’

‘प्रस्ताव को कैबिनेट के सामने रखा जाएगा’

कानून मंत्री फरोग नसीम का कहना है कि यदि कमेटी सहमत होगी तो इस प्रस्ताव को कैबिनेट के सामने रखा जाएगा. यदि कैबिनेट की मंजूरी मिलती है तो इसको लागू कर दिया जाएगा, यदि कैबिनेट ने सहमति नहीं दी तो प्रस्ताव रुक जाएगा.

क्या है अनुच्छेद 149 (4)

पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 149 (4) के अनुसार केंद्र सरकार किसी प्रांत की शासन प्रणाली को अपने हाथ में ले सकता है. ऐसा देश के आर्थिक हितों या शांति के लिए पैदा हुए किसी भी गंभीर खतरे से निपटने के लिए कर सकता है.

पाक के कानून मंत्री फरोग नसीम का कहना है कि ये संविधान का एक स्वतंत्र अनुच्छेद है और ये केंद्र सरकार को अपनी कार्यकारी शक्ति का इस्तेमाल करने का अधिकार देता है. शांति और आर्थिक हालात के लिए गंभीर खतरे की स्थिति में केंद्र प्रांतीय सरकार को दिशा निर्देश जारी कर सकता है.

फरोग नसीम का कहना है कि यह अनुच्छेद सरकार को किसी राज्य की राजधानी के प्रशासन और वहां चल रहे किसी भी प्रोजेक्ट को अपने नियंत्रण में लेने का आधिकार देता है.

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