पाकिस्‍तान में चलती है हाफिज सईद की अपनी अदालत, कस्‍टोडियल डेथ के आरोपियों को करवाया बरी

लाहौर के तीन पुलिस अधिकारियों- महमूदुल हुसैन, शाफत अली और मतलूब हुसैन पर कथित ATM चोर सलाहुद्दीन अयूबी की हत्‍या का केस चला था.

पाकिस्‍तान (Pakistan) की एक अदालत ने तीन पुलिस अधिकारियों को बरी कर दिया है. इन सभी पर कस्‍टडी में एक चोर की हत्‍या का आरोप था. यह केस अहम इसलिए है क्‍योंकि ग्‍लोबल आतंकी हाफिज सईद (Hafiz Saeed) ने इसमें मध्‍यस्‍थता की थी.

तीनों पुलिस अधिकारियों- महमूदुल हुसैन, शाफत अली और मतलूब हुसैन पर कथित ATM चोर सलाहुद्दीन अयूबी की हत्‍या का केस चला था. एडिशनल डिस्ट्रिक्‍ट एंड सेशन (रहीम यार खान) जज जस्टिस जाहिद हुसैन बख्तियार ने ये फैसला सुनाया. अयूबी की मौत पर पूरे पाकिस्‍तान में आक्रोश फैल गया था.

पुलिस और अयूबी के परिवार के बीच समझौता कराने को हाफिज सईद ने हस्‍तक्षेप किया था. उसने परिवार से मुलाकात कर उन्‍हें ‘अल्‍लाह के लिए’ पुलिसवालों को माफ करने के लिए मना लिया. अयूबी के परिवार वाले पहले से ही सईद की बातें सुना करते थे. पुलिस ने जेल में दोनों की मुलाकात करवाई.

लश्‍कर-ए-तैयबा के संस्‍थापक Hafiz Saeed ने माफी के बदले में Pakistan के पंजाब प्रांत की सरकार से सौदा किया. पंजाब सरकार को गुजरांवाला के गोराली गांव में रहने वाले परिवार तक गैस कनेक्‍शन पहुंचाने, स्‍कूल बनवाने और लाहौर से 80 किलोमीटर दूर स्थित गांव तक सड़क बनवाने के निर्देश दिए गए.  इसपर करीब 80 करोड़ पाकिस्‍तानी रुपये का खर्च आएगा.

पंजाब के गवर्नर चौधरी सरवर भी पीड़‍ित परिवार से मिले थे. पाकिस्‍तान के इतिहास में शायद यह पहला मौका है जब आतंकियों को फंड मुहैया कराने का आरोपी अदालत के मामलों को सुलझा रहा है.

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