अर्थव्यवस्था बचाने के लिए PAK ने खेला दांव, ग्वादर में 23 साल तक चीनी कंपनियों पर नहीं लगेगा कोई टैक्स

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा प्राधिकरण और कर कानून में संशोधन के लिए दोनों अध्यादेशों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.
Pakistan, अर्थव्यवस्था बचाने के लिए PAK ने खेला दांव, ग्वादर में 23 साल तक चीनी कंपनियों पर नहीं लगेगा कोई टैक्स

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इन दिनों चीन के दौरे पर हैं. इमरान अपने देश की बदहाल अर्थव्यवस्था को संभालने के प्रयास के तहत चीनी निवेशकों को लुभाने में लगे हुए हैं. इसी सिलसिले में इस्लामाबाद ने पेइचिंग के लिए बड़े टैक्स राहत की घोषणा की है.

सेल्स टैक्स-कस्टम ड्यूटी नहीं देंगे चीनी ऑपरेटर्स
पाकिस्तान ने अगले 23 साल तक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ग्वादर बंदरगाह और इसके फ्री जोन पर चीनी ऑपरेटर्स के लिए टैक्स में छूट देने का फैसला लिया है. इस फैसले से अब चीनी ऑपरेटर्स को सेल्स टैक्स और कस्टम ड्यूटी नहीं भरनी पड़ेगी.

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने गत सोमवार चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा प्राधिकरण और कर कानून में संशोधन के लिए दोनों अध्यादेशों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. मालूम हो कि पाकिस्तान पिछले काफी समय से नकदी संकट का सामना कर रहा है.

60 अरब डॉलर का आर्थिक गलियारा
पाकिस्तान की ओर से ग्वादर में 23 साल तक टैक्स में राहत के अलावा अन्य तरह की छूट की घोषण भी की है. इसके बाद चाइना ओवरसीज पोर्ट्स होल्डिंग कंपनी ग्वादर के चेयरमैन झांग बोअजॉन्ग ने मंगलवार को अगले 7 सालों में इस तटीय शहर को पाकिस्तान की जीडीपी में सबसे बड़ा भागीदार बनाने की योजना साझा की.

बता दें कि चीन और पाकिस्तान ग्वादर बंदरगाह को शिंजियांग प्रांत से जोड़ने वाले 60 अरब डॉलर के आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) पर काम कर रहे हैं. भारत की ओर से इस गलियारे को लेकर विरोध दर्ज कराया गया है. भारत का कहना है कि यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है, जो कि भारतीय संप्रभुता का उल्लंघन है.

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