US कमिटी का ट्रंप पर पलटवार, कहा- 10 सालों की मेहनत का दावा झूठा, पाक में बेखौफ घूम रहा था हाफिज

हाफिज सईद को मुंबई आतंकी हमले का 'तथाकथित मास्टमाइंड' बताते हुए ट्रंप ने कहा कि दस साल की तलाश के बाद उसे गिरफ्तार किया गया है.

वाशिंगटन. अमेरिका की ‘हाउस फॉरेन अफेयर्स कमिटी’ ने बुधवार को यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आतंकी हाफिज सईद को लेकर किए गए ट्वीट पर पलटवार किया है. कमिटी ने उजागर किया कि पाकिस्तान 10 सालों से 26/11 आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की तलाश नहीं कर रहा था, बल्कि वह पाकिस्तान में आजादी के साथ रह रहा था.

ट्रंप ने ट्वीट किया था कि, “10 साल ढूंढने के बाद पाकिस्तान ने मुंबई आतंकवादी हमलों के तथाकथित “मास्टरमाइंड” को गिरफ्तार किया है. उसे खोजने निकालने के लिए पिछले दो सालों में बहुत दबाव डाला गया है!” 

‘हाउस फॉरेन अफेयर्स कमिटी’ ने ट्रंप पर पलटवार करते हुए कहा, “आपकी जानकारी के लिए बता दें, पाकिस्तान 10 साल से उसकी खोज नहीं कर रहा था.वह देश में आजादी से रह रहा था. उसे कई बार गिरफ्तार किया और छोड़ भी दिया.सईद को दिंसबर 2001, मई 2002, अक्टूबर 2002, अगस्त 2006 (दो बार), दिसंबर 2008, सितंबर 2009 और जनवरी 2009 में गिरफ्तार करने के बाद छोड़ दिया गया था.”


पाकिस्तान की सरकार द्वारा आतंकवादी हाफिज सईद को गिरफ्तार किए जाने का श्रेय लेते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि इस मामले में पिछले दो साल से बनाया गया भारी दबाव काम आया. सईद को मुंबई आतंकी हमले का ‘तथाकथित मास्टमाइंड’ बताते हुए ट्रंप ने कहा कि दस साल की तलाश के बाद उसे गिरफ्तार किया गया है.

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में कुलभूषण जाधव की मौत की सजा पर रोक बरकरार रखने का फैसला आने से पहले ही हाफिज सईद को गिरफ्तार किया गया. हाफिज सईद की गिरफ्तारी को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की ट्रंप से मुलाकात से पहले पाकिस्तान द्वारा अमेरिका से संबंध बेहतर करने की कोशिश से भी जोड़ कर देखा जा रहा है.

पाकिस्तान तालिबान को बातचीत की मेज पर लाकर अफगानिस्तान में शांति बहाली का समाधान तलाशने की दिशा में अमेरिका, रूस और चीन के साथ पाकिस्तान भी शामिल हुआ है.

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