जैश से जुड़ा पाकिस्तानी-अमेरिकी शख्स गिरफ्तार, खाने और पैसे का करता था जुगाड़

इस मामले पर एफबीआई का कहना है कि हसन ने स्वीकार किया है कि वह 2014 में जैश-ए-मोहम्मद के लोगों के साथ 2 से 3 तीन दिन बिता चुका है.

कैरोलिना: अमेरिका की एजेंसी एफबीआई ने 35 वर्षीय वकार उल हसन नामक पाकिस्तानी-अमेरिकी नागरिक को उत्तरी कैरोलिना के शार्लट डगलस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है. वकार को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से संपर्क होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.0

वकार जब 15 साल का था तब अमेरिका में बस गया था. वैसे तो इतने साल से अपने परिवार के साथ रहने के कारण उसे अमेरिकी नागरिकता प्राप्त है, लेकिन उसने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता नहीं छोड़ी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2014 में एफबीआई को सूचना मिली थी कि हसन आतंकी संगठनों के साथ संपर्क में है.

एफबीआई ने जब हसन को उस समय इंटेरोगेशन के लिए बुलाया तो उसने पुलिस से कहा कि उसका किसी भी आतंकी संगठन से कोई ताल्लुक नहीं है. इसके बाद साल 2015 में हसन से एफबीआई ने फिर पूछताछ की, जिसमें उसने स्वीकार किया कि उसने पहले हुई पूछताछ में झूठ बोला था और वह आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट और जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में है.

इस मामले पर एफबीआई का कहना है कि हसन ने स्वीकार किया है कि वह 2014 में जैश-ए-मोहम्मद के लोगों के साथ 2 से 3 तीन दिन बिता चुका है. इसके अलावा 2013 और 2014 में वह पाकिस्तान गया था ताकि जैश-ए-मोहम्मद के लिए पैसे और खाने का इस्तेमाल किया जा सके.

एफबीआई को दिए अपने लिखित बयान में हसन ने कहा, “2013 और 2014 के बीच मैंने पाकिस्तान के गुजरात शहर और उसके आसपास के क्षेत्र में जैश मुजाहिदीन के लिए दो या तीन बार पैसा और भोजन इकट्ठा किया था. 2014 में, जैश मुजाहिदीन के साथ रहने के दौरान उन्होंने मुझे भारतीय सैनिक पर हमले के बारे में बताया जो उन्होंने पिछले साल किया था. उन्होंने मुझे हमले का एक न्यूज़ वीडियो भी दिखाया था.”

इसके आगे उसने कहा, “मैंने एक न्यूजपेपर देखा था, जिसमें जैश मुजाहिदीन लोगों को भर्ती करने और पैसा इकट्ठा करने के लिए इस्तेमाल करता है. मैंने पहले झूठ बोला था क्योंकि मैं मुसीबत में पड़ने से डर गया था. मैंने जैश मुहजादीन के लिए अखबार निकालने में भाग लिया था जो एक आतंकवादी समूह है लेकिन वे पाकिस्तान में गरीबों की मदद भी करते है.”