नोट छापने से बारूद बनाने तक क्या-क्या काम करती है पाकिस्तान की आर्मी, जानें…

इमरान खान भले ही विदेशों से भीख मांगकर लाते रहें...लेकिन पाकिस्तान में बाजवा के बिजनेस के आगे उस पैसे की कोई औकात नहीं. बाजवा की आर्मी का बिजनेस इंपायर पाकिस्तान को दीमक की तरह खोखला कर रहा है.
pakistan army, नोट छापने से बारूद बनाने तक क्या-क्या काम करती है पाकिस्तान की आर्मी, जानें…

पाकिस्तान मक्कारों का मुल्क है और बाजवा उनके सरताज. दुनिया में ये पहली आर्मी है जो दूध की डेयरी लेकर बेकरी तक और बेकरी से लेकर कपड़ों के कारोबार से पाकिस्तानियों के कपड़े फाड़ रही है. इमरान का मुल्क आखिर कैसे पाकिस्तानी आर्मी प्राइवेट लिमिटेड है? कैसे बिजनेस के नाम पर भूखी अवाम को बाजवा एंड कंपनी ब्रिटिश कंपनी बनकर दोनों हाथों से लूट रही है? आज बाजवा आर्मी के बिजनेस की बैलेंस शीट देखेंगे तो हैरान रह जाएंगे.

पाकिस्तान कंगाल मुल्क है, लेकिन पाकिस्तानी आर्मी नोट छापती है. बाजवा एंड कंपनी ब्रेड से लेकर बारूद तक सब बनाती है. इमरान खान कर्जे पर मुल्क चला रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान के जनरल एक साल में करोड़ों कमाते हैं. बाजवा के बिजनेस की बैलेंस सीट अगर इमरान देखेंगे तो माथा पकड़ लेंगे… बाजवा के टेरर अकाउंट में हर साल 100 अरब रुपए आते हैं. कहां से आते हैं…कैसे आते हैं? पाकिस्तानी सेना ऐसा क्या कर रही है? जिससे इमरान के कंगाल मुल्क में पाकिस्तानी आर्मी सबसे बड़ी प्राइवेट लिमिटेड बन गई है.

पाकिस्तानी आर्मी फिल्में भी बनवाती है. जो खाने पीने की चीजे हैं वो भी पाकिस्तानी आर्मी बनाती है. सीपैक 42 बिलियन डॉलर का निवेश चीन लेकर आया है जिसमें बाजवा ने पाकिस्तान को बेच दिया है. अमेरिकी सिनेट ने कहा था कि पाकिस्तानी आर्मी पैसे के लिए अपनी मां भी बेच सकते हैं .

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पाकिस्तान का मुस्तकबिल कौन तय करता है? पाकिस्तान में हर बिजनेस डील पर कैसे तय होती है? हर डील पर किसका कब्जा है? कंगाल मुल्क की इकॉनोमी का मुस्तकबिल क्या होगा? कैसा होगा? पाकिस्तान में बिस्किट बनाने लेकर बंदूक बनाने तक का टेंडर किसके हाथों में है? यकीनन इमरान खान नियाजी का, लेकिन पाकिस्तान की बिजनेस टाइकून बाजवा एंड कंपनी है. सुई बनाने से लेकर जहाज बनाने तक और ब्रेड बनाने लेकर बारूद बनाने तक के कारोबार पर पाकिस्तानी आर्मी का कब्जा है.

इमरान खान भले ही पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम हों लेकिन पाकिस्तान कैसे चलेगा? पाकिस्तान कितनी कमाई कहां से करेगा? कौन सा बिजनेस पाकिस्तान में लगाना है, इसका हर खाका पाकिस्तानी आर्मी तय करती है. जो इमरान खान पाकिस्तान के कर्जे उतारने का दंभ भरते हैं उन सपनों को कभी पाकिस्तान आर्मी का बिजनेस कभी साकार नहीं होने देगा. पाकिस्तानी आर्मी के बिजनेस की मनमानी जड़ें पाकिस्तान में कहां तक फैली हैं. बाजवा एंड कंपनी कैसे मुल्क को लूट रही है, इसकी पूरी हकीकत आज आपको सबूतों के साथ दिखाएंगे.

जानिए पाकिस्तान की माली हालत

  • पाकिस्तान पर 30 हजार अरब का कर्ज है.
  • पहले साल में इमरान को 19 अरब का लोन चुकाना है.
  • सूद की शक्ल में महीने के 6 अरब रुपए का जुगाड़ करना है.

इमरान हर महीने सिर्फ सूद के 6 अरब रुपए कहां से लाएंगे? क्योंकि पाकिस्तान में कमाई का जो भी जरिया है उस पर पाकिस्तानी आर्मी का कब्जा है.

पाकिस्तानी आर्मी प्राइवेट लिमिट

ये नाम उतना ही चौकाने वाला है जितना बाजवा की सेना का साम्राज्य. दुनिया के किसी भी मुल्क में सेना बिजनेस नहीं करती लेकिन बाजवा आर्मी पाकिस्तान में बिस्किट बनाने से लेकर डेयरी तक का कारोबार करती है. ये सब पाकिस्तान को गर्त से बाहर निकालने के लिए नहीं हो रहा बल्कि बाजवा ऐसा सिर्फ अपनी जेबें भरने के लिए करता है.

पाकिस्तानी आर्मी के कारोबारी साम्राज्य की काली कहानी बेहद हैरान करने वाली है. उससे भी हैरान करने वाला है बाजवा एंड कंपनी का पाकिस्तान को खोखला करने का खेल. इस कंगाल मुल्क में पाकिस्तानी आर्मी का बिजनेस साम्राज्य इतना बड़ा है कि अगर कमाई का चौथा हिस्सा भी भूखों मरती आवाम पर लगा दिया जाए तो मुल्क का मुक्कदर बदल जाए लेकिन पाकिस्तानी फौज ऐसा हरगीज़ नहीं चाहती.

बाजवा आर्मी का बिजनेस और भूखों मरती आवाम

  • पाकिस्तान आर्मी सालाना 100 अरब कमाती है.
  • हर महीने सेना का नेट वर्थ कम से कम 9,072 करोड़ है.
  • आर्मी के हर टॉप अफसर की संपत्ति 271 करोड़ रुपए की है.
  • पाकिस्तान की पूरी संपत्ति का 56% हिस्सा आर्मी के कब्जे में है.

पाकिस्तानी यूं ही भूखों नहीं मर रहे. पाकिस्तानी आर्मी प्राइवेट लिमिटेड मुल्क को कंगाल बना रही है. पाकिस्तान के डिफेंस एक्सपर्ट का कहना है कि, ‘हिन्दुस्तान में मोदी एक राफेल खरीदते हैं तो को आवाम सवाल पूछ सकती है. हमारे यहां आम आदमी तो छोड़ पीएम नहीं पूछ सकता कि आर्मी जनरल ने F 16 कितने में खरीदे. भारत के किसी जनरल का बच्चा बताएं विदेश में पढ़ता हो. हमारे जनरल तो छोड़ो ब्रिगेडियर तक के बच्चे यूरोप अमेरिका में पढ़ते हैं. कहां से पूरा करते हैं? कितनी तनख्वा ही भई इनकी?

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इमरान हुकूमत में भूखों मरती आवाम का पेट विदेशी कर्जे के बूते भर रहा है लेकिन बाजवा की आर्मी पाकिस्तान में करोड़ों कमा रही है. अब सवाल ये कि आखिर जिस मुल्क की आवाम भूखों मर रही है, जो मुल्क आर्थिक मोर्चे पर कर्ज के दलदल में फंसा है, वहां पाकिस्तानी आर्मी के बारे न्यारे कैसे हो सकते हैं? दरअसल बाजवा एंड कंपनी की अकूत दौलत का ताल्लुक उन कंपनियों से जुड़ा है जिसे सीधे तौर पर पाकिस्तानी आर्मी चला रही है. हैरानी ये भी है कि ये दुनिया की पहली अजीबो-गरीब सेना है, जो किसी कारोबारी की तरह मुल्क में कुंडली मारकर बैठी है और हर सेक्टर में आवाम को लूट रही है.

बाजवा आर्मी पाकिस्तान की सबसे बड़ी बिजनेस टाइकून कैसे है?

पाकिस्तान में पाक आर्मी के 50 से ज्यादा बिजनेस हैं, जिसमें पेट्रोल पंप से लेकर भारी उद्योग प्लांट तक शामिल हैं. इसके अलावा बैंक, बेकरी, स्कूल यूनिवर्सिटी, कपड़े की फैक्ट्री, डेयरी,उद्योग, स्टड फॉर्म, सिमेंट प्लांट, खनन, तेल,गैस का धंधा भी पाक आर्मी करती है.

बाजवा का ‘फौजी फाउंडेशन’ बना इमरान का फंदा

  • बाजवा का बिजनेस फौजी फाउंडेशन के बैनर तले चलता है.
  • फौजी फाउंडेशन की 25 कंपनिया पाक आर्मी चलाती है.
  • इमनें भी 50 बड़े बिजनेस पाकिस्तानी आर्मी के नाम हैं.
  • फौजी फाउंडेशन की 4 मदर कंपनियों पर बाजवा का होल्ड है.
  • 21 कंपनियां चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम से बाजवा चलाता है.
  • फौजी फाउंडेशन के विकास दर 78% है.
  • फौजी फाउंडेशन की सालाना आमदनी 1.5 अरब डॉलर है.
  • फाऊंडेशन के हेड तक पूर्व फौजी हैं.

पाकिस्तानी सेना और उसके लुटेरे अधिकारियों की भूख यहीं खत्म नहीं होती, कई पाकिस्तानी पूर्व सेना अधिकारी और ISI अधिकारी के चीफ विदेशों में बड़े औहदों पर तैनात होकर करोड़ों रुपए के मालिक हैं. ये मुद्दा साल 2018 में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट तक में उछला था.

सेना के नाम पर बाजवा पाकिस्तान में कारोबारी सेंटर खोलकर बैठा है. बाजवा की भूख इतनी सी ही नहीं है, हेवी इंडस्ट्री के अलावा बाजवा एंड कंपनी कंस्ट्रक्शन सेक्टर में भी कुंडली मारकर बैठी है. बाजवा के जिस अफसर को पाकिस्तान की जो जमीन पसंद आ जाती है उसपर वो बिल्डर बनकर बिल्डिंग्स खड़ी कर देता है.

पाक आर्मी फौजी फाउंडेशन के अलावा जिन कंपनियों के जरिए मुल्क को लूट रही है. उसका किस्सा भी हैरतअंगेज है….

बाजवा का ‘घर’ पाकिस्तान को लूट रहा है

  • पाक आर्मी 8 बड़े शहरों में घर बनाती है.
  • कंस्ट्रक्शन के लिए पाकिस्तान की आधी जमीन सेना के कब्जे में है.
  • शाहीन फाउंडेशन, बहरिया फाउंडेशन घर बनाती है.
  • आर्मी वेलफेयर ट्रस्ट और डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी का भी यही धंधा है.
  • कंस्ट्रक्शन के कारोबार में भी 50% हिस्सा आर्मी के कब्जे में है.

पाकिस्तान की बदहाल आवाम के लिए इमरान कर्जे से घर बनाने का झूठा ख्बाव देखते हैं लेकिन बाजवा का कंस्ट्रक्शन कारोबार शुद्ध मुनाफे में हैं.

बाजवा आर्मी नहीं मुनाफाखोर बिल्डर कहिए

  • DHA कानून के तहत 8 शहरों पर बाजवा का कब्जा है.
  • कराची, लाहौर, रालवपिंडी, इस्लामाबाद में कंस्ट्रक्शन कारोबार है.
  • मुल्तान, गुंजरावाला, बहावलपुर ,पेशावर, क्वेटा में करोबार है.

बाजवा आर्मी बिल्डर बनकर पाकिस्तान को लूट रही है. हर साल करोड़ों का टर्न ओवर इस धंधे से पाकिस्तानी सेना को होता है जिसे लेकर खुद पाकिस्तान में खलबली मची है.

तीसरे विश्वयुद्ध का मोस्ट पावरफुल धमाका अब होने वाला है क्योंकि इस बार एक ऐसा विनाशक ताकतवर मुल्कों के बारूदी जखीरे में मौजूद है, जो एटम बम से 1000 गुना ज्यादा बर्बादी मचा सकता है. इतना ही नहीं दुनिया को 100 बार से ज्यादा तबाह कर सकता है. पूरी मानवता का सर्वनाश कर सकता है.

अब तक दुनिया के ताकतवर मुल्कों के बीच परणाणु बम की होड़ मची थी, हर कोई एक दूसरे से ज्यादा खतरनाक और मारक क्षमता वाला एटम बम और उससे जुड़े हथियार बना रहा था लेकिन इसी बीच एक ऐसा हाहाकारी बम तैयार किया जा चुका है, जिसका एक धमाका कई शहरों को पूरी तरह खत्म कर सकता है. यहां बात हो रही है हाइड्रोजन बम की. जिसे बनाने की रेस लग चुकी है. अमेरिका, चीन, रूस, ब्रिटेन जैसे मुल्कों ने इसका परीक्षण भी कर चुके हैं. ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि अगर तीसरा विश्वयुद्ध हुआ तो वो न परमाणु बम वाला होगा और न ही रासायनिक बम वाला होगा. इस बार जंग हाइड्रोजन बम वाली होगी.

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हाइड्रोजन बम

  • इस बम में हाइड्रोजन फ्यूजन का इस्तेमाल किया जाता है.
  • ये बम एक बार में नहीं बल्कि तीन चरणों में ब्लास्ट होता है.
  • हाइड्रोजन बम के फटने के बाद काफी ऊर्जा निकलती है.
  • इस बम के धमाके से निकलने वाली रोशनी इंसान को अंधा बना देती है.
  • हाइड्रोजन बम के अब तक 5 आधिकारिक परीक्षण किए जा चुके हैं.
  • किसी भी युद्ध में हाइड्रोजन का इस्तेमाल नहीं हुआ है.

परमाणु बम का ही एक सुधरा हुआ रूप होने की वजह से हाइड्रोजन बम परमाणु बम से भी अधिक खतरनाक होता है. हाइड्रोजन बम के विस्फोट के दौरान सूर्य के अधिकतम ताप के बराबर तक तापमान पैदा हो सकता है. जो सबकुछ जला कर राख कर देता है.

अब बात हिंदुस्तान और पाकिस्तान की. इस वक्त दोनों मुल्कों के बीच लगातार तनाव बढ़ रहा है. हालात ऐसे हैं कि किसी भी वक्त जंग हो सकती है. पाकिस्तान ये दंभ पालकर बैठा है कि उसके पास एटब बम है, वो अपने परमाणु हथियारों के दम पर हिंदुस्तान से युद्ध लड़ सकता है, लेकिन उसकी ये गलतफहमी अब दूर होने वाली है क्योंकि पाकिस्तान जैसे मुल्क को सबक सिखाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने एक ऐसी फ्यूचर आर्मी तैयार करने का ऐलान किया है, जिसकी कल्पना अब तक किसी ने भी नहीं की थी. ये विध्वसंकों की ऐसी फौज होगी, जो पाकिस्तान को नेस्तानाबूत कर देगी.

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