पाकिस्तान में बड़े रैकेट का भंडाफोड़, महिलाओं को वेश्यावृत्ति के लिए भेजा जा रहा था चीन

बताया जा रहा है कि तस्करी में चीन भेजी गई लड़कियों में ईसाईयों की तादाद अधिक है और इन्हें पंजाब के अलग-अलग जिलों से लाया गया.

पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (FIA) ने मंगलवार को सात लोगों को मानव तस्करी के आरोप में पकड़ा है. इनमें से तीन चीनी पुरुष हैं. इस से एक दिन पहले भी एजेंसी ने 10 चीनी नागरिकों को इसी जुर्म में पकड़ा था.

अधिकारियों ने आरोप लगाया कि सभी आरोपियों ने कथित तौर पर पाकिस्तानी लड़कियों से झूठी शादी करने के बाद उन्हें चीन में वेश्यावृत्ति के काम पर लगाया और कुछ आरोपियों पर जवान लड़कियों के अंगों को काटकर निकालने का भी आरोप है.

इस मामले में रावलपिंडी से सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें से तीन चीनी गिरोह के हैं. गिरोह का नेतृत्व एक चीनी नागरिक सांग चुओयांग कर रहा था.

इससे पहले FIA ने सोमवार को इसी प्रकार के 10 चीनी नागरिकों के एक गिरोह का पर्दाफाश किया था.

FIA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने लाहौर में कहा कि उनके मानव तस्करी रोधी सेल ने वेश्यावृत्ति के मामले में चार पाकिस्तानी साझेदारों को पकड़ा है.
जमील अहमद के मुताबिक तस्करों को पुलिस टीम ने एक शादी समारोह में छापा मारकर पकड़ा है. यहां से चीन की एक महिला और पुरुष समेत फर्जी पादरी को गिरफ्तार किया गया है. यहां पर एक ईसाई लड़की की शादी करवाई जा रही थी.

FIA लाहौर के उप निदेशक जमील अहमद खान मायो ने कहा कि अधिकारियों ने देश में गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल विदेशियों के खिलाफ कार्रवाई के तहत लाहौर हवाईअड्डे और अन्य क्षेत्रों से आठ चीनी नागरिकों को सोमवार को गिरफ्तार किया. सभी पर झूठी शादी कर जवान लड़कियों की चीन में तस्करी करने का आरोप है.

मायो ने कहा कि हिरासत में लिए गए विदेशी लोग, कुछ स्थानीय लोगों की मदद लेकर मुख्य रूप से अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय के, गरीबी से पीड़ित परिवारों की महिलाओं को चीनी पुरुषों और पाकिस्तानी महिलाओं के बीच होने वाली शादी के जाल में फंसा रहे थे.

एक रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान को महिलाओं और लड़कियों की तस्करी होने जैसी घटनाओं से चिंतित होना चाहिए. क्योंकि लगभग पांच दूसरे एशियाई देशों से चीन को महिलाओं और लड़कियों की तस्करी की जा रही है.