‘पाक आर्मी है वैश्विक आतंक का केंद्र,’ पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों ने UN ऑफिस के बाहर लगाए पोस्टर

जिनेवा में एक NGO ने बयान जारी कर कहा, '9/11 के बाद से पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र बन चुका है.'
Pakistan Army is the center of global terror, ‘पाक आर्मी है वैश्विक आतंक का केंद्र,’ पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों ने UN ऑफिस के बाहर लगाए पोस्टर

पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में अपने ही देश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने यूएन ऑफिस के बाहर पोस्टर्स दिखाए, जिनपर अपने ही देश के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई. पोस्टर्स में लिखा था कि पाकिस्तान ही अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र है. UNHRC के 43वें सत्र के दौरान पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों ने कहा है कि उनका देश वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा है.

जिनेवा में एक NGO ने बयान जारी कर कहा, ‘9/11 के बाद से पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र बन चुका है. उत्तरी वजीरिस्तान का इलाका जो अफगानिस्तान की सीमाओं से लगा हुआ है, वो अल-कायदा और तालिबान के साथ-साथ अन्य आतंकवादी नेटवर्क सहित स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों का एक केंद्र बना हुआ है.”

आतंकियों को पालती है पाकिस्तान सरकार

NGO के मुताबिक पाकिस्तान सेना के अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों को दिए अवैध योगदान के खिलाफ वह जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र ऑफिस के बाहर पोस्टर लगा कर प्रदर्शन कर रहे हैं. पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों के मुताबिक उनकी सरकार की आतंकवादी समूहों को पालने में सक्रिय हिस्सेदारी है इसी के साथ वह देश से बाहर हो रही आतंकवादी गतिविधियों में भी शामिल रही है. उनका कहना है पाकिस्तान की अनियमित वित्तीय संरचना भी देश में आतंकवाद को पालने के लिए धन मुहैया कराने का का मार्ग प्रशस्त करती है.

जिनेवा में पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों ने बताया कि राजनीतिक इच्छाशक्ति न होने के चलते पाकिस्तान में आतंकवादी योजना बनाने, धन जुटाने, और आसानी से संचालित करने में सक्षम हैं.  उनके मुताबिक पाकिस्तान सरकार अपनी गैरकानूनी गतिविधियों के कारण इस मुद्दे को हल करने को तैयार नहीं है. इसलिए संयुक्त राष्ट्र को पाकिस्तान को फटकार लगानी चाहिए और इसे रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए.

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