पाकिस्तान के लोग क्यों नहीं चाहते भारत में दोबारा बने मोदी सरकार?

कई पाकिस्तानी सोशल मीडिया के माध्यम से यह जता चुके हैं कि वह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की वापसी नहीं चाहते हैं.

नई दिल्ली. 23 मई को आने वाले 2019 लोकसभा चुनाव के नतीजों पर पड़ोसी देश पाकिस्तान भी बड़ी उत्सुकता के साथ नजर बनाए हुए है. दोनों देशों के बीच फैले तनाव और कई पाकिस्तानियों के भारत में मौजूद पारिवारिक संबंधो को देखते हुए उनकी यहां के चुनावों में दिलचस्पी आम बात है.

कई पाकिस्तानी सोशल मीडिया के माध्यम से यह जता चुके हैं कि वह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की वापसी नहीं चाहते हैं. मुमकिन है कि, हाल में भारतीय वायु सेना द्वारा पाकिस्तान के अंदर आतंकी शिविरों पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक से ऐसे ख्याल जन्मे हो.

एक पाकिस्तानी टीवी चैनल से बात करते हुए लाहौर के शाही आलम नाम के एक शख्स ने कहा कि, उनकी (मोदी) सरकार नहीं बननी चाहिए. उन्होंने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की.”

एक अन्य व्यक्ति ऐजाज ने कहा, “मुझे नहीं लगता है कि मोदी बहुमत के साथ वापस आएंगे. मुझे यकीन है कि उन्हें जनादेश नहीं मिलेगा और यह पाकिस्तान के लिए अच्छा होगा.”

ये भी पढ़ें: चुनाव आयोग ने नहीं मानी अशोक लवासा की बात, आदेश में नहीं बताएंगे कैसे हुआ फैसला

कुछ महीने पहले पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान ने कहा था कि यदि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की तो भारत के साथ शांति वार्ता का बेहतर मौका बनेगा.

ये भी पढ़ें: कश्‍मीर: कुलगाम में दो आतंकी ढेर, बडगाम में चल रहा है तलाशी अभियान

लंदन में रहने वाले पाकिस्तानी कारोबारी रियाज ने फोन पर टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा, “पाकिस्तान में रहने वाले लोग विदेशों में रह रहे पाकिस्तानियों से अलग विचार रखते हैं. हमारा विचार है कि मोदी को भारत की सत्ता में वापस आना चाहिए. कम से कम यह पाकिस्तानी धरती से संचालित होने वाले आतंकवादी संगठनों के लिए एक निवारक के रूप में कार्य करेगा और पाकिस्तान सरकार पर हमारी मातृभूमि के लिए आतंकवाद को मिटाने के लिए दबाव डालेगा.”

लोकसभा चुनाव 2019, पाकिस्तान के लोग क्यों नहीं चाहते भारत में दोबारा बने मोदी सरकार?

पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग ने 23 मई को इस्लामाबाद में उच्चायोग के ऑडीटोरियम में ‘जश्न-ए-जम्हूरियत’ नाम से एक कार्यक्रम का आयोजन किया है. जिसमे बड़ी स्क्रीन पर चुनावी परिणाम दिखाए जाएंगे और शाम 7:30 से इसपर चर्चा भी होगी.