जापान में पीएम मोदी के सामने लगे जय श्रीराम के नारे, कहा- लोकतंत्र में रिकॉर्ड बनाने का कॉपीराइट हमारे पास

लोकतंत्र के प्रति भारत के सामान्य जन की निष्ठा अटूट है. हमारी लोकतांत्रिक संस्थाएं और लोकतांत्रिक प्रणाली दुनिया में अग्रणी है. भारत की यही शक्ति 21वीं सदी के विश्व को नई उम्मीद देने वाली है.

कोबे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात महीने बाद एक बार फिर जापान में हैं. वो जापान के कोबे में भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे थे. पीएम मोदी ने जैसे ही भाषण ख़त्म किया वहां मौजूद लोगों ने पहले तो उनके साथ सेल्फ़ी निकलवाई और बाद में जय श्रीराम के नारे लगाने लगे.

इससे पहले पीएम मोदी ने भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा, ‘7 महीने बाद एक बार फिर मुझे जापान की धरती में आने का मौका मिला था. पिछले बार जब मैं आया था तब मेरे मित्र सिंजो आबे पर भरोसा कर आपने उन्हें जिताया था. इस बार जब मैं आया हूं तब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत ने इस प्रधान सेवक पर पहले से ज्यादा प्यार और विश्वास जताया है.’

उन्होंने कहा, ‘ 130 करोड़ भारतीयों ने पहले से भी मजबूत सरकार बनाई है. ये अपने आप में बहुत बड़ी घटना है. तीन दशक बाद पहली बार लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है.’

पीएम ने आगे कहा, ‘1971 के बाद देश ने पहली बार एक सरकार को प्रो इंकम्बेंसी जनादेश दिया है. ये जीत सच्चाई की जीत है, भारत के लोकतंत्र की जीत है. लोकतंत्र के प्रति भारत के सामान्य जन की निष्ठा अटूट है. हमारी लोकतांत्रिक संस्थाएं और लोकतांत्रिक प्रणाली दुनिया में अग्रणी है. भारत की यही शक्ति 21वीं सदी के विश्व को नई उम्मीद देने वाली है.’

पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के जिस मंत्र पर हम चल रहे हैं, वो भारत पर दुनिया के विश्वास को भी मजबूत करेगा. जब दुनिया के साथ भारत के रिश्तों की बात आती है तो जापान का उसमें एक अहम स्थान है. ये रिश्ते आज के नहीं हैं, बल्कि सदियों के हैं. इनके मूल में आत्मीयता है, सद्भावना है, एक दूसरे की संस्कृति और सभ्यता के लिए सम्मान है.’

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का ज़िक्र करते हुए कहा, ‘गांधी जी की एक सीख बचपन से हम लोग सुनते आए हैं और वो सीख थी ‘बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, बुरा मत कहो’. भारत का बच्चा-बच्चा इसे भली भांति जानता है, लेकिन बहुत कम लोगों को ये पता है कि जिन तीन बंदरों को इस संदेश के लिए बापू ने चुना उनका जन्मदाता 70वीं सदी का जापान है.’

पीएम मोदी के भाषण की मुख्य बातें- 

  • “हमारे बोलचार के भी कुछ सूत्र हैं जो हमें जोड़ते हैं. जिसे भारत में ‘ध्यान’ कहा जाता है, उसे जापान में ‘जेन’ कहा जाता है और जिसे भारत में ‘सेवा’ कहा जाता है, उसे जापान में भी ‘सेवा’ कहा जाता है. अक्सर ये कहा जाता था- ‘स्काई द लिमिट’ किसी जमाने में ठीक था, लेकिन भारत इस लिमिट से आगे जाकर स्पेस को गंभीरता से एक्सप्रोलर कर रहा है.”
  • ‘भारत की 130 करोड़ जनता के जीवन को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए सस्ती और प्रभावी स्पेस टेक्नोलॉजी हासिल करना हमारा लक्ष्य है. मुझे खुशी है कि सफलता के साथ हम आगे बढ़ पा रहे हैं.’
  • ‘डिजिटल लिटरेसी आज बहुत तेजी से बढ़ रही है. डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड स्तर पर हैं, इनोवेशन और इन्क्यूबेशन के लिए एक बहुत बड़ा इंफ्रास्ट्रेक्चर तैयार हो रहा है. इसी के बल पर आने वाले 5 वर्ष में 50 हजार स्टार्टअप का इको सिस्टम भारत को बनाने का लक्ष्य हमने रखा है.’
  • ‘पीएम आबे को दिल्ली के अलावा अहमदाबाद और वाराणसी ले जाने का सौभाग्य मुझे मिला. पीएम आबे मेरे संसदीय क्षेत्र और दुनिया की सबसे पुरानी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नगरी में से एक काशी में गंगा आरती में शामिल हुए. उनकी ये तस्वीरें भी हर भारतीय के मन में बस गई हैं.’
  • ‘लगभग दो दशक पहले, प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी और प्रधानमंत्री योशिरो मोरी जी ने मिलकर हमारे रिश्तों को ग्लोबल पार्टनरशिप का रूप दिया था. 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद, मुझे मेरे मित्र प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे के साथ मिलकर इस दोस्ती को मजबूत करने का मौका मिला.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार से शुरू हो रहे दो-दिवसीय जी-20 सम्मेलन के इतर गुरुवार को जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से मुलाकात की.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, “सच्चे दोस्तों की तरह एक-दूसरे का अभिवादन किया. जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने द्विपक्षीय वार्ता से पहले गर्मजोशी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया.”

उन्होंने आगे कहा, “आपसी हितों के व्यापक मुद्दों पर चर्चा की. मोदी ने कहा कि वे इस साल वार्षिक सम्मेलन के लिए आबे के भारत आगमन के लिए उत्साहित हैं.”

मोदी इससे पहले गुरुवार को जापानी शहर ओसाका पहुंचे. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, मोदी सम्मेलन में वैश्विक महत्ता के कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे और भारत का पक्ष रखेंगे.

मोदी-आबे की बैठक पर पीएमओ ने ट्वीट किया, “उज्जवल भविष्य का वादा करने वाली और गर्मजोशी से भरी मित्रता. प्रधानमंत्री मोदी और आबे ने ओसाका में बातचीत की. जापान के रीवा काल के शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली बैठक.”

पीएमओ के अनुसार, “बैठक में भारत-जापानसंबंधों के कई पहलुओं पर चर्चा की गई.”

दो दिनों में मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत अन्य वैश्विक नेताओं से मुलाकात करेंगे और सम्मेलन से इतर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ त्रिकोणीय वार्ता भी करेंगे.