प्रधानमंत्री बनकर भी ये शख्स नहीं भूला अपना पेशा, हफ्ते में एक दिन करता है डॉक्टरी

कम ही लोग होते हैं जो प्रधानमंत्री बनकर भी अपने पुराने पेशे को ना सिर्फ निभाएं बल्कि उसके ज़रिए अपना तनाव भी खत्म करें. मिलिए इस शख्स से.

आजकल भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग खूब चर्चा में हैं. अपनी खुशमिजाजी के लिए वैसे तो शेरिंग लोकप्रिय हैं ही मगर आजकल उनका एक और रूप मशहूर हो रहा है.

मालूम चला है कि 50 साल के शेरिंग अपना तनाव कम करने के लिए डॉक्टर के तौर पर सेवाएं देते हैं. वो बाकायदा सर्जरी तक अंजाम देते हैं. 50 साल के शेरिंग का कहना है कि कुछ लोग गोल्फ खेलते हैं, कुछ तीरंदाज़ी करते हैं मगर मुझे ऑपरेशन करना पसंद है. मैं वीकेंड अस्पताल में बिताता हूं.

दरअसल भूटान वासियों के लिए ये हैरतभरा नहीं है. वो अपने पीएम के इस रूप से परिचित हैं. हर वीकेंड पर शेरिंग को जिगमे दोरजी वांगचुक नेशनल रेफरल अस्पताल में देखा जाता है.

आपको बता दें कि भूटान दुनिया का पहले देश है जहां खुशी को सरकार के लक्ष्य के तौर पर संविधान में शामिल किया गया है. सरकार लोगों के तनाव को कम करने और जीवन को खुशहाल बनाने पर ज़ोर देती है. फाइव डे अ वीक के फॉर्मूले को ना सिर्फ आम नागरिक अपनाते हैं बल्कि शेरिंग भी अपनाते हैं. यही वजह है कि वो एक दिन यानि शनिवार अस्पताल में बिताते हैं और दूसरा दिन यानि रविवार परिवार के साथ. शेरिंग खुशी के साथ बताते हैं कि वो पूरी ज़िंदगी ऐसा करते हुए ही बिताना चाहेंगे.

7 नवंबर 2018 को शेरिंग प्रधानमंत्री पद पर बैठे थे. अगले ही महीने उन्होंने अपना पहला विदेशी दौरे के लिए भारत को चुना था.

उन्होंने ढाका यूनिवर्सिटी से डॉक्टरी पढ़ी थी. इसके अलावा उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्कॉलरशिप पर अमेरिका में भी पढ़ाई की. जब वो देश लौटे तो भूटान के अकेले यूरोलॉजिस्ट थे. 2010 में उन्होंने सिंगापुर और जापान से भी फैलोशिप हासिल की. ऑस्ट्रेलिया से उन्होंने एमबीए की डिग्री हासिल की. उन्होंने शादी भी एक डॉक्टर से ही की. फिलहाल दंपति की एक बेटी है. वहीं एक बेटी और बेटा उन्होंने गोद भी लिया है.

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