पृथ्‍वी-2 से थर-थर कांपेगा पाकिस्‍तान, इन ठिकानों को निशाना बना सकती है मिसाइल

पृथ्वी-2 के इस सफल परीक्षण से जहां एक तरफ भारत की सैन्य शक्ति को बढ़ावा मिला है, तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ना तय है.पाकिस्तान के सबसे अहम स्ट्रेटेजिक प्वाइंट्स आसानी से टारगेट किया जा सकता है.

भारत ने मंगलवार देर रात परमाणु क्षमता वाले मिसाइल पृथ्वी-2 का सफल परीक्षण किया. यह परीक्षण ओडिशा के बालासोर में किया गया है. इस को परीक्षण सशस्त्र बलों के लिए उपयोगकर्ता परीक्षण के तहत किया गया है. परीक्षण शाम 7.50 बजे किया गया है.

पृथ्वी-2 के इस सफल परीक्षण से जहां एक तरफ भारत की सैन्य शक्ति को बढ़ावा मिला है, तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ना तय है. क्योंकि पाकिस्तान के सबसे अहम स्ट्रेटेजिक प्वाइंट्स को इस मिसाइल के जरिए आसानी से टारगेट किया जा सकता है.

पाकिस्तान के किन ठिकानों को बनाया जा सकता है निशाना

  • बलूचिस्तान के मिलिट्री इंस्टॉलेशन प्वाइंट
  • कराची का न्यूक्लियर पॉवर कॉम्पलेक्स
  • इस्लामाबाद का न्युक्लियर रिसर्च सेंटर
  • कराची का पाकिस्तान एयरबेस
  • क्वेटा का पाकिस्तान एयरबेस
  • बलूचिस्तान का मकरन नवल बेस
  • बलूचिस्तान का ग्वादर नवल बेस

बता दें कि इससे पहले, इस क्षेत्र में बीते 20 नवंबर को भी पृथ्वी-2 मिलाइल का परीक्षण किया गया था. सूत्रों के मुताबिक परीक्षण पूरी तरह सफल रहा और मिसाइल सभी मानकों पर खरी उतरी है.

पृथ्वी-2 में क्या है खास

  • पृथ्वी-2 मिसाइल जमीन से जमीन पर मार करने में सक्षम है.
  • ये मिसाइल अपने साथ 500 से 1000 किलोग्राम युद्ध सामग्री ले जा सकती है.
  • इसकी मारक क्षमता 350 किलोमीटर है.
  • मिसाइल में एडवांस गाइडेंस सिस्टम लगा है जो अपने लक्ष्य को आसानी से मार गिरा सकता है.
  • पृथ्वी-2 दो मिसाइल तरल प्रणोदन दो इंजनों से संचालित है.

मालूम हो की पृथ्वी मिसाइल 2003 से सेना में है, जो नौ मीटर लंबी है. पृथ्वी डीआरडीओ द्वारा निर्मित पहली मिसाइल है.