इराक में चट्टानों पर मिले भगवान राम-हनुमान के सबूत, इतिहासकारों ने बताया आदिवासी

चित्र में एक राजा हाथ में धनुष और तीर लिए हुए है. इसी भित्तचित्र के साथ एक और चित्र भी बना हुआ है, जो देखने में हनुमान जैसा दिखाई दे रहा है.
राम, इराक में चट्टानों पर मिले भगवान राम-हनुमान के सबूत, इतिहासकारों ने बताया आदिवासी

नई दिल्ली: एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने जून महीने में इराक में लगभग 2000 ईसा पूर्व की एक दीवार की खोजबीन का अभियान चलाया है. अयोध्या शोध संस्थान का मानना है कि इस दीवार पर भगवान राम का भित्ति चित्र बना हुआ है.

यह दीवार दरबंद-ई-बेलूला की चट्टानों में मिली है. चित्र में एक राजा हाथ में धनुष और तीर लिए हुए है. इसी भित्तचित्र के साथ एक और चित्र भी बना हुआ है, जो देखने में हनुमान जैसा दिखाई दे रहा है.

दरबंद-ई-बेलुला चट्टान में मिले इन भित्तिचित्रों को देखकर अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक योगेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि ये चित्र भगवान राम और हनुमान के हैं. जबकि इराक के इतिहासकार इन दावों को सिरे से नकार रहे हैं.

इराक के इतिहासकारों का कहना है कि ये भित्तिचित्र भगवान राम के नही हैं, ये इराक की पहाड़ी जनजाति के प्रमुख टार्डुनी के हैं. हालांकि योगेंद्र प्रताप का कहना है कि उन्होंने सिंधु घाटी और मेसोपोटामिया की सभ्यताओं के बीच संबंधों की शोध के लिए इराक की सरकार से इजाजत मांगी है.

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