तुर्की के राष्‍ट्रपति ने डस्‍टबिन में फेंक दी थी ट्रंप की चिट्ठी, अब सीरिया में हमले रोकने को तैयार

सीरिया में कुर्द लड़ाकों और तुर्की सेना के बीच जारी संघर्ष पांच दिन के लिए थम गया है. बॉर्डर से लगे इलाकों से कुर्दों के लड़ाके हटेंगे, तब तुर्की हमले रोकेगा.

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने 9 अक्‍टूबर को तुर्की में अपने समकक्ष रजब तैयब एर्दोआन को चिट्ठी लिखी थी. उस समय तुर्की की सेना सीरिया में हमले की तैयारी कर रही थी. इस चिट्ठी में ट्रंप ने एर्दोआन से ‘बेवकूफी’ न करने को कहा था. उन्‍होंने लिखा था, “अगर आप इसे सही से और मानवीय ढंग से करेंगे तो इतिहास आपको ठीक नजर से देखेगा. अगर अच्‍छी बातें नहीं हुईं तो आपको हमेशा एक राक्षस की तरह देखा जाएगा… सख्‍त मत बनिए. बेवकूफ मत बनिए.”

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब एर्दोआन को ट्रंप की चिट्ठी मिली तो उन्‍होंने उसे डस्‍टबिन में फेंक दिया. एर्दोआन ने पहले ही कुर्द लड़ाकों पर हमले की तैयारी कर ली थी, ट्रंप की चिट्ठी ने सिर्फ उसमें और तेजी ही लाई. उसी दिन सीरिया पर हमला कर दिया गया.

तुर्की के हमलों से तीन लाख लोग प्रभावित

सीरिया में कुर्द लड़ाकों और तुर्की सेना के बीच जारी संघर्ष पांच दिन के लिए थम गया है. अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति माइक पेंस के तुर्की दौरे पर सीजफायर का ऐलान हुआ. शर्त ये रखी गई है कि बॉर्डर से लगे इलाकों से कुर्दों के लड़ाके हटेंगे, तब तुर्की हमले रोकेगा. समझौते के मुताबिक, कुर्द‍िश लड़ाके बॉर्डर से 32 किलोमीटर भीतर स्थित इलाके से हटेंगे.

पेंस ने कहा है कि तुर्की के सेना हटाते ही अमेरिका अपने प्रतिबंध हटा लेगा. सीरिया की ह्यूमन राइट्स ऑब्‍जर्वेट्री ने कहा है कि तुर्की के हमलों के बाद तीन लाख से ज्‍यादा नागरिक विस्‍थापित हुए हैं.

अपने सैनिक हटा कर ट्रंप ने ही तुर्की को सीरिया में हमले करने का सिग्‍नल दिया था. एक तरह से ट्रंप ने तुर्की को पीपुल्स प्रोटेक्शन यूनिट्स (YPG) के खिलाफ कदम उठाने की इजाजत दी. YPG कुर्दिश मिलिशिया समूह है, जिसे तुर्की ‘आतंकवादी’ कहता है.

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