दो साल तक वायरस से बचाव करेगी Covid-19 की वैक्सीन – रूसी डेवलपर का दावा

रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय (Russia’s Healthcare Ministry) के गामाले नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी के निदेशक अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग (Alexander Gintsburg) द्वारा यह दावा किया गया है.
vaccine to protect against virus for two years, दो साल तक वायरस से बचाव करेगी Covid-19 की वैक्सीन – रूसी डेवलपर का दावा

दुनियाभर के देश कोरोनावायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के लिए वैक्सीन (Vaccine for Covid-19) बनाने की रेस में थे, लेकिन सबसे पहले रूस (Russia) ने बाजी मारी. मंगलवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने रूस द्वारा कोरोना वैक्सीन Sputnik V बनाने का दावा किया. इस बीच दवा बनाने वाली कंपनी ने कहा है कि यह वैक्सीन कम से कम दो साल तक वायरस से बचाव करेगी.

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कम से कम 2 साल तक के लिए प्रभावी

रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय (Russia’s Healthcare Ministry) के गामाले नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी के निदेशक अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग (Alexander Gintsburg) द्वारा यह दावा किया गया है. एक टीवी चैनल के इंटरव्यू के दौरान अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग ने कहा कि वैक्सीन की प्रभावी अवधि, इसके सुरक्षात्मक गुण कम समय के लिए नहीं हैं. यह 6 महीने या 1 साल के लिए नहीं बल्कि कम से कम 2 साल तक के लिए प्रभावी रहेगी.

इससे पहले रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि गामालेया केंद्र के विकास के साथ वेक्टर टीकों के उपयोग का अनुभव उनमें से एक है और यह दर्शाता है कि इसकी इम्युनिटी कम से कम दो साल तक रहेगी. 11 अगस्त को कोरोनोवायरस के खिलाफ वैक्सीन रजिस्टर करने वाला रूस दुनिया भर में पहला देश बन गया. गेमालेया केंद्र, जैसा कि इसके निर्देशक ने पहले कहा था, इसे पांच महीनों में विकसित किया गया है.

रूसी वैक्सीन के खिलाफ कई देश और WHO

हालांकि इस वैक्सीन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. इतना ही नहीं अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी जैसे कई देशों के साथ वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के वैज्ञानिक भी वैक्सीन के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं. इसकी वजह यह है कि रूस ने फाइनल फेज का ट्रायल किए बिना ही वैक्सीन को अप्रूव कर दिया. जबकि दूसरी वैक्सीन जो बाकी देशों में बन रही हैं वह अगले साल से पहले लोगों तक पहुंचती नहीं दिख रहीं.

WHO का कहना है कि इस हफ्ते रूस द्वारा अनुमोदित वैक्सीन उन 9 वैक्सीन में से नहीं है, जिन्हें वह टेस्टिंग के उन्नत चरणों में मानता है. WHO ने यह भी कहा था कि रूस ने ट्रायल के आंकड़े उनसे शेयर नहीं किए.

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