सऊदी अरब ने जारी की ऑइल प्‍लांट पर हुए हमले के ‘सबूत’, ईरान पर लगाए आरोप

सऊदी अरब ने कहा कि हमले में 18 ड्रोन और 7 मिसाइलों का इस्‍तेमाल किया गया. आरोपों पर भड़का ईरान.

सऊदी अरब के सबसे बड़े ऑइल प्‍लांट पर हुए ड्रोन हमले के बाद से खाड़ी में टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है. सऊदी अरब ने फुटेज जारी कर उस दावे को खारिज किया है, जिसमें कहा जा रहा था कि ऑइल प्‍लांट पर हमले यमन ने किए हैं.

सऊदी अरब ने दावा किया कि 18 ड्रोन और 7 मिसाइलें एक ही दिशा से आए, जिससे यह स्‍पष्‍ट हो गया है कि हमले यमन के विद्रोहियों ने नहीं किए हैं बल्कि इसके पीछे ईरान का हाथ है.

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि मलबे को देखकर स्‍पष्‍ट है कि हमले ईरान ने किए. इससे पहले अमेरिका ने भी सऊदी अरब में हमले के लिए ईरान को जिम्‍मेदार ठहराते हुए उस पर प्रतिबंध और कड़े करने की चेतावनी दी थी, जबकि ईरान ने जवाब में अमेरिका को युद्ध की धमकी दे डाली थी.

सऊदी अरब के ताजा आरोपों पर भी ईरान ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उस पर कोई सैन्‍य हमला होता है तो वह उसका मुंहतोड़ जवाब देगा.

सऊदी अरब के ऑइल प्‍लांट पर हमले की जिम्‍मेदारी यमन के विद्रोहियों ने ली थी. हूती विद्रोहियों ने हमले की जिम्‍मेदारी लेते हुए जारी किए बयान में दावा किया कि उन्‍होंने 10 ड्रोन से सऊदी अरब के 10 ठिकानों को निशाना बनाया. यमन के विद्रोहियों के इस दावे पर अमेरिका ने सवाल उठाते हुए कहा कि हमले में सऊदी के 19 ठिकाने प्रभावित हुए हैं और ये 10 ड्रोन से संभव नहीं है. मतलब उनका स्‍पष्‍ट इशारा था कि हमले के पीछे ईरान का हाथ है.

बुधवार को सऊदी अरब की ओर से जारी बयान में भी अमेरिका से मिलता-जुलता दावा किया गया. सऊदी अरब ने कहा कि हमले में 18 ड्रोन और 7 मिसाइलों का इस्‍तेमाल किया गया.