सऊदी अरामको ने अलीबाबा को छोड़ा पीछे, IPO से जुटाए इतने लाख करोड़

अलीबाबा ने 2014 में अमेरिकी शेयर बाजार के आईपीओ के जरिए 2,500 करोड़ डॉलर जुटाए थे.

दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने आईपीओ के जरिए 2,560 करोड़ डॉलर (1.82 लाख करोड़ रुपए) इकट्ठा किए हैं. यह दुनिया का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू है.

इससे पहले यह रिकॉर्ड चीन की ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के नाम था. अलीबाबा ने 2014 में अमेरिकी शेयर बाजार के आईपीओ के जरिए 2,500 करोड़ डॉलर (1.57 लाख करोड़ रुपए) जुटाए थे.

अरामको सऊदी अरब की सरकारी कंपनी है. अरामको पिछले महीने 1.5% शेयर बिक्री के लिए आईपीओ लेकर आई थी. कंपनी ने 2016 में पहली बार आईपीओ की योजना के बारे में जानकारी दी थी. हालांकि, वैल्यूएशन बढ़ाने की कोशिश में यह टलता रहा.

रियाद स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी के शेयर 32 रियाल के शुरुआती मूल्य पर बेचे जाएंगे. इस हिसाब से कंपनी का मूल्यांकन 1,700 अरब डॉलर बैठता है. आईपीओ से पैसे जुटाने के मामले में अरामको दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बन गई है.

अरामको ने साल 2018 में 111 अरब डॉलर का लाभ कमाया था. ये एपल और गूगल की कंपनी एल्फाबेट के कुल सालाना लाभ से भी अधिक है. मालूम हो कि हाल ही में सऊदी अरामको के क्रूड ऑयल फैसिलिटी सेंटर्स पर ड्रोन हमला किया गया था. इसके चलते 28 साल बाद कच्चे तेल में एक दिन की सबसे ज्यादा तेजी आई थी.

सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था की तेल पर निर्भर है. वो इस निर्भरता को कम करना चाहता है. आईपीओ लाने के पीछे सऊदी राजघराने के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की सुधारों को बढ़ाने की सोची समझी रणनीति मानी जा रही है.

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