इमरान से नहीं संभल रहा अपना मुल्‍क, PAK में बंदूक की नोंक पर सिख लड़की का धर्म परिवर्तन-निकाह

धर्मांतरण और जबरन शादी के आरोप में पुलिस ने एक महिला रुकैया समेत 6 लोगों पर केस दर्ज किया गया है.

पाकिस्तान के लाहौर स्थित ननकाना साहिब क्षेत्र में एक सिख लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है. 19 साल की लड़की का नाम जगजीत कौर है और वह गुरुद्वारा तंबू साहिब के ग्रंथी भगवान सिंह की बेटी है. उसका बंदूक की नोक पर धर्म परिवर्तन कराया गया है.

FIR दर्ज

ननकाना साहिब पुलिस थाने में दर्ज FIR के मुताबिक 28 अगस्त को गुरुद्वारा तम्बू साहिब में ग्रंथी के तौर पर सेवा देने वाले एक शख्स की बेटी को जबरन इस्लाम में धर्मांतरित कराया गया और फिर उसकी शादी मोहम्मद अहसान नाम के शख्स से करा दी गई.

6 लोगों पर केस दर्ज

लड़की के बड़े भाई की शिकायत पर यह FIR दर्ज की गई है. धर्मांतरण और जबरन शादी के आरोप में एक महिला रुकैया समेत 6 लोगों पर केस दर्ज किया गया है.

बंदूक की नोक पर किया किडनैप

युवती के भाई ने बताया, ‘वह हमारी बड़ी बहन के घर पर गई थी, जिसके पति बिजनस ट्रिप पर फैसलाबाद गए थे. इसी दौरान रात में करीब 2 बजे हथियारबंद लोगों ने घर पर हमला बोल दिया और सभी को मारने की धमकी देते हुए एक कमरे में बंद कर दिया. इसके बाद बंदूक की नोक पर वे लोग बहन को किडनैप करके ले गए.’

जान से मारने की दी धमकी

जगजीत के भाई मनमोहन सिंह ने कहा, ‘गुंडों ने परिवार को धमकी दी थी कि यदि हम शिकायत वापस नहीं लेंगे तो वह हमें जान से मार देंगे. मैंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और सेनाध्यक्ष कमर जावेद बाजवा से हमारी मदद करने की अपील की.

सिख समुदाय ने की निंदा

इस घटना का असर करतारपुर कॉरिडोर पर पड़ सकता है.’ पाकिस्तान में मौजूद सिख समुदाय के लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और उन्होंने ननकाना साहिब में इसे लेकर बैठक बुलाई है.

जगजीत कौर के परिवार का कहना है कि यदि लड़की को रिहा नहीं किया गया तो वह पंजाब के राज्यपाल के घर के सामने खुद को आग के हवाले कर लेंगे.

मनजिंदर सिंह सिरसा उठाया मुद्दा

वहीं दिल्‍ली में शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने यह मुद्दा उठाते हुए पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से इस मामले में मदद मांगी है.

उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान में ऐसी घटनाओं को लेकर सिख समुदाय के सभी लोगों में नाराजगी है. यह सिखों की धार्मिक स्‍वतंत्रता को खतरे में डालने जैसा है और इसलिए इस मुद्दे को संयुक्‍त राष्‍ट्र में उठाने की जरूरत है.

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