जानिए, लंदन के होटल को कितना महंगा पड़ा एक सिख को जॉब से मना करना

धार्मिक आधार पर नौकरी देने से मना करने के मुआवजे के तौर पर दी गई रकम में भावनाएं आहत करने का जुर्माना भी शामिल है.

दाढ़ी रखने की वजह से सिख शख्स को नौकरी देने से मना करने पर लंदन के क्लैरिज्स होटल को 7000 पाउंड यानी करीब 6 लाख 55 हजार रुपये चुकाना पड़ा. होटल ने यह रकम न्यूजीलैंड के रहने वाले रमन सेठी को चुकाई. धार्मिक आधार पर नौकरी देने से मना करने के मुआवजे के तौर पर दी गई रकम में भावनाएं आहत करने का जुर्माना भी शामिल है.

जानकारी के मुताबिक लंदन के लक्जरी क्लैरिज्स होटल में ‘नो-बियर्ड’ (बिना दाढ़ी) पॉलिसी है. एक ब्रिटिश इंप्लॉयमेंट ट्रिब्यूनल ने इस मामले में सुनवाई के दौरान पाया कि रमन सेठी को नौकरी दिए जाने से दाढ़ी रखने की वजह से मना कर दिया गया था. उन्हें नौकरी देने से रिक्रूटमेंट एजेंसी एलीमेंट्स पर्सनल सर्विसेज लिमिटेड के जरिए मना किया गया था. उनके खास क्लाइंट्स के लिए उनकी ‘न ही चोटी और न ही दाढ़ी की पॉलिसी’ है.

जज हॉली स्टाउट ने कहा कि होटल ने क्लाइंट्स से क्यों नहीं पूछा सिखों के लिए नियम में अपवाद हो सकता है या नहीं. कानूनी प्रक्रिया में सामने आया कि होटल को खुद यह अधिकार नहीं है कि वह फैसला करे कि धार्मिक आधार पर सिखों को नौकरी न देने का फैसला कर सके. जज ने कहा कि एजेंसी ने कोई भी ऐसा सुबूत पेश नहीं किया है जिससे पता चले कि उनके क्लाइंट्स से यह पूछा गया हो कि वे एक सिख से सेवाएं लेना पसंद करेंगे या नहीं, अगर वो धार्मिक कारणों से शेव न कर सकता हो.

जज ने अपने फैसले के अंत में कहा कि हमारे सामने रखे गए सबूतों में कुछ भी ऐसा नहीं है जिससे पता चलता हो कि सिखों के लिए उनकी पॉलिसी में अपवाद की कोई गुंजाइश नहीं है. इसके बाद उन्होंने होटल से रमन सेठी को 7,102 पाउंड का मुआवजा देने का आदेश दिया. इसमें से 5 हजार रुपये उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए हैं.

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