इस संगठन पर है श्रीलंका में बम धमाके करने का शक, बौद्ध इमारतों में तोड़फोड़ से सुर्खियों में आया

2018 में बौद्ध धर्म से जुड़ी इमारतों को क्षतिग्रस्‍त कर सुर्खियों में आए संगठन पर बम धमाके करने का शक जताया गया है।

श्रीलंका में जो धमाके हुए, उसके पीछे ‘नेशनल तौहीद जमात’ नाम के संगठन का नाम आ रहा है। श्रीलंका के पुलिस प्रमुख ने 10 दिन पहले ही रिपोर्ट दी थी कि आत्मघाती हमलावर देश के गिरिजाघरों पर हमले की तैयारी कर रहे थे। एक विदेशी खुफिया एजंसी ने जानकारी दी है कि यह संगठन कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग पर हमले करने की फिराक में भी था। जनवरी में श्रीलंकाई पुलिस ने चार लोगों के पास से विस्फोटक पदार्थ भी बरामद किए थे।

क्या है ‘नेशनल तौहीद जमात’?

‘नेशनल तौहीद जमात’ यानी NTJ, श्रीलंका का कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन है। पिछले साल श्रीलंका में बौद्ध धर्म की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर इस संगठन ने सुर्खियां बटोरी थीं। यह संगठन 2014 से मुख्यधारा में आया, जब संगठन के सचिव अब्दुल रैजिक ने बौद्ध धर्म और महात्मा बुद्ध के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए। इन्हीं बयानों के चलते अब्दुल को 2016 में हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था।

मार्च 2014 में, पीस लविंग मॉडरेट मुस्लिम्स इन श्रीलंका (PLMMSL) नाम के संगठन ने संयुक्त राष्ट्र प्रमुख, संयुक्त राष्ट्र मानवधिकार उच्‍चायुक्त, श्रीलंकाई राष्ट्रपति और राजनयिकों को चिट्ठी लिखकर NTJ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। पत्र में कहा गया था कि NTJ धार्मिक असहिष्णु‍ता फैला रहा है और अन्य इस्‍लामिक आंदोलनों पर दबाव बना रहा है। इस संगठन पर वहाबी विचारधारा के प्रचार-प्रचार का भी आरोप लगा।

Sri Lanka Blasts, इस संगठन पर है श्रीलंका में बम धमाके करने का शक, बौद्ध इमारतों में तोड़फोड़ से सुर्खियों में आया

क्‍यों साल भर से श्रीलंका में है अशांति?

श्रीलंका में सालभर से बौद्ध और इस्लााम धर्म के अनुयायियों के बीच संघर्ष चल रहा है। मार्च, 2018 में जब हिंसा ज्यादा बढ़ गई तो सरकार ने 10 दिन के लिए कैंडी में आपातकाल लागू कर दिया था। कट्टरवादी बौद्ध संगठन यह आरोप लगा रहे थे कि मुसलमान जबरन लोगों का धर्म परिवर्तन और बौद्ध इमारतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

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श्रीलंका में अल्‍पसंख्‍यक हैं मुस्लिम-ईसाई

बौद्ध, श्रीलंका का प्रमुख धर्म है। यहां की 70 फीसदी से ज्यादा आबादी बौद्ध धर्म के अनुयायी है। श्रीलंका में 12. प्रतिशत हिंदू आबादी है और मुस्लिमों और ईसाइयों की जनसंख्या में हिस्सेदारी 10-10 प्रतिशत से कम है। रॉयटर्स के अनुसार, श्रीलंका के कई मुस्लिम सीरिया जाकर इस्लामिक स्टेट में शामिल हो चुके हैं।

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