सीरियल बम धमाके के बाद दहशत में कोलंबो, स्कूल-मॉल-दुकान सब बंद, अस्पताल के बाहर लंबी कतार

हमारी संवाददाता स्मिता शर्मा सबसे पहले कोलंबो अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंची. उन्होंने देखा कि एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले ज़्यादातर लोग अपने घायल रिश्तेदारों से मिलने आये हैं इतना ही नहीं विमान भी ख़ाली नज़र आ रहा है.

कोलंबो: श्रीलंका में रविवार को ईस्टर के मौके पर हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों में मृतकों की संख्या बढ़कर 290 हो गई है. पुलिस प्रवक्ता रुवान गुनसेकरा ने सोमवार को यह कहा.

गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, समाचार एजेंसियों को दिए गए आंकड़ों के मुताबिक इन विस्फोटों में 500 लोग घायल हुए हैं. रविवार को मृतकों का आंकड़ा 207 था, लेकिन कुछ और शव मिलने और कई अन्य घायलों के दम तोड़ने के कारण संख्या बढ़कर 290 हो गई है. TV9 भारतवर्ष ने ग्राउंड ज़ीरो पर जाकर हालात का जायज़ा लिया है.

कोलंबो बम धमाके में जनता दल (सेक्‍यूलर) यानी जेडीएस के 2 नेता भी मारे गए हैं. साथ ही 5 अभी तक लापता हैं. श्रीलंका में भारतीय उच्‍चायोग और विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने इसकी पुष्टि कर दी है.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारास्वामी ने ट्वीट किया, “विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कर्नाटक को दो लोगों के कोलंबो धमाके में मारे जाने की पुष्टि कर दी है. जेडीएस के दो कार्यकर्ताओं को खोने से मुझे गहरा धक्का लगा है. हम इस दुख की खड़ी में उनके परिवार के साथ खड़े हैं.”

हमारी संवाददाता स्मिता शर्मा सबसे पहले कोलंबो अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंची. उन्होंने देखा कि एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले ज़्यादातर लोग अपने घायल रिश्तेदारों से मिलने आये हैं इतना ही नहीं विमान भी ख़ाली नज़र आ रहा है. ज़ाहिर है टूरिस्ट लोग हमले की वजह से श्रीलंका आने से बच रहे हैं. कई लोग जिन्होंने अपना वैकेशन प्लान किया था उन्होंने हमले की वजह से अपना टिकट कैंसिल करा दिया है.

स्मिता शर्मा ने बाद में एक घायल भारतीय के रिश्तेदार गिरीश से बातचीत की. गिरीश ने बताया कि उनके एक रिश्तेदार पुरुषोत्तम रेड्डी रविवार रात से ही कोलंबो के राष्ट्रीय अस्पताल में भर्ती हैं. गिरीश पल पल की जानकारी लेना चाहते थे लेकिन जब उन्होंने ऐसा होते नहीं देखा तो वो ख़ुद कोलंबो पहुंच गए. हालांकि कुछ रिश्तेदार पहले से यहां मौजूद हैं लेकिन उन्हें भी पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है.

गिरीश के मुताबिक पुरुषोत्तम रेड्डी जिनकी उम्र 50 साल है 3 अन्य लोगों के साथ श्रीलंका में बिज़नेस मीटिंग के लिए आए थे. बाकी के 2 अन्य लोग सुरक्षित हैं जबकि एक के बारे में फ़िलहाल कोई जानकारी नहीं है. वहीं पुरुषोत्तम रेड्डी अस्पताल में भर्ती हैं.

हमारी संवाददाता बाद में कोलंबो एयरपोर्ट से अस्पताल और डिप्लोमेटिक एरिया के लिए रवाना हुईं. इस दौरान उन्होंने देखा की टैक्सी की लंबी कतार लगी हुई थी क्योंकि सुबह 6 बजे तक शहर में कर्फ्यू लगा हुआ था. देश से बाहर जाने के लिए एयरपोर्ट पर लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं. आम तौर पर एयरपोर्ट पर तीन घंटे पहले पहुंचना होता है लेकिन हालात ऐसे हैं कि लोग वहां 5 घंटे पहले पहुंच रहे हैं. इस बारे में श्रीीलंका सरकार की तरफ से भी दिशानिर्देश जारी किया गया है.

हमारी संवाददाता स्मिता शर्मा ने कैब ड्राइवर से पूछा कि किसने किया होगा यह हमला? जिसके जवाब में ड्राइवर ने टूटी-फूटी अंग्रेज़ी भाषा में कहा मुझे नहीं पता. यह कहते हुए ड्राइव की आंखों में एक डर और एक लाचारगी नज़र आ रही थी. कैब ड्राइवर ने बताया कि लोगों ने रविवार को जो कुछ भी देखा उस सदमें से उबरने में वक़्त लगेगा. कल (रविवार) सभी लोग फिर चाहे वो तमिल हों या इंगलिश सभी रो रहे थे. बहुत बुरा देखा है हमने.

कैब से अस्पताल की दूरी तय करते हुए संवाददाता स्मिता शर्मा ने देखा कि सड़क पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ था. आम तौर पर सुबह 9 बजे तक खुल जाने वाली दुकाने अब भी बंद थी. चारों तरफ सिर्फ बंद शटरें दिखाई दे रही थी.

स्मिता शर्मा ने देखा कि कोलंबो की सुबह ख़ामोशी भरी थी. हालांकि एयरपोर्ट पर ठीक-ठाक भीड़ थी लोग टैक्सी का इंतज़ार कर रहे थे जो कि कर्फ्यू की वजह से कम चल रही थी. कर्फ्यू फ़िलहाल शहर से हटा लिया गया है इसके बावजूद शहर की सड़कें ख़ामोश हैं. बतौर कैब ड्राइवर कोलंबो में मॉल्स 8 बजे जबकि दुकानें 9 बजे तक खुल जाती है. लेकिन सोमवार को सभी स्कूल, कॉलेज, दुकान, संस्थान और शॉपिंग मॉल्स बंद हैं.

बता दें कि अब तक कुल 5 भारतीयों के घायल होने की ख़बर है. वहीं श्रीलंका पुलिस ने श्रृंखलाबद्ध विस्फोटों के मामले में अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया है जिसे सीआईडी कस्टडी में भेजा गया है. ‘एएफपी’ ने पुलिस के हवाले से कहा कि कोलंबो हवाई अड्डे के पास एक इम्प्रोवाइज्ड बम को निष्क्रिय किया गया.

कोलंबो हवाई अड्डे पर अस्त-व्यस्त सा माहौल था क्योंकि श्रीलंका पहुंचे यात्रियों को वहां खुले एकमात्र टैक्सी काउंटर पर लंबी कतार में लगना पड़ा. वे अपडेट के लिए टीवी स्क्रीन पर नजरें गड़ाए थे.

सरकार द्वारा राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू लगाने के बाद सड़कें सुनसान हैं और गलत जानकारी फैलने से रोकने के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगा दी लगा दी गई है.