पाकिस्तान: ईशनिंदा के नाम पर छात्र ने की थी प्रोफेसर की हत्या, कैंपस में आज भी पसरा है सन्नाटा

हमलावर ने एक रिकॉर्डेड विडियो में कहा था कि प्रोफेसर इस्लाम के खिलाफ काफी बोलते थे. मैं संतुष्ट हूं.

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में इसी साल मार्च महीने में यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर की ‘ईशनिंदा’ के कारण स्टूडेंट ने हत्या कर दी थी. गवर्मेंट सादिक एगर्टन कॉलेज के अंग्रेजी विभाग के हेड खालिद हामिद पर 21 साल के स्टूडेंट खातिब हुसैन ने चाकू से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई थी.

‘ईशानिंदा करने वालों को खुला छोड़ रही सरकार’
हमलावर छात्र हुसैन ने इसे गैर-इस्लामिक बताया और कहा कि उसने कानून को अपने हाथ में इसलिए लिया क्योंकि सरकार ईशानिंदा कानून को लागू नहीं कर रही और ईशानिंदा करने वालों को खुला छोड़ रही है.

हमलावर ने एक रिकॉर्डेड विडियो में कहा था, “उन्होंने (प्रोफेसर) इस्लाम के खिलाफ काफी बोलते थे. मैं संतुष्ट हूं और अल्लाह को धन्यवाद कहता हूं कि प्रफेसर अब जिंदा नहीं हैं.”

‘बुरी तरह से टूट गया प्रोफेसर का परिवार’
हत्या के छह महीने बाद हमलावर हुसैन को छोड़ दिया गया. हुसैन पर किसी तरह का चार्ज नहीं लगा. पूरे कैंपस में सन्नाटा पसरा है. दूसरी तरफ, प्रोफेसर की हत्या से उनका पूरा परिवार पूरी तरह से टूट गया. साथ ही कॉलेज के कैंपस में साथी प्रोफेसर्स भी डरे-सहमे हुए हैं. कई सारे टीचर्स छात्रों से खुलकर बात करने से डरते हैं.

प्रोफेसर के बेटे वालिद खान ने पिता की हत्या को लेकर सरकार पर आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया गया. मेरे पिता पाकिस्तान सरकार के कर्मचारी थे. घटना कॉलेज के भीतर हुई लेकिन सरकार ने न तो चिंता जताई और न ही घटना पर विरोध जताया.

बता दें कि देश में किसी को भी ईशनिंदा के तहत मौत की सजा नहीं दी गई है. लेकिन सिर्फ आरोप के आधार पर कथित रूप से ईशनिंदा करने वालों को भीड़ द्वारा पीटे जाने के मामले अक्सर सामने आते रहे हैं. इसे लेकर खुलकर विरोध-प्रदर्शन भी नहीं पाते हैं.

ये भी पढ़ें-

भारतीय सेना ने पाकिस्तानी ‘BAT’ कमांडो-आतंकियों की घुसपैठ को किया नाकाम, देखिए VIDEO

चंद्रयान-2: ISRO का ट्वीट- साथ खड़े होने के लिए धन्यवाद, पूरा करते रहेंगे भारतीयों के सपने

CRPF जवानों के लिए खुशखबरी, अब होगा कैडर रिव्यू, इंस्पेक्टर के पद तक पहुंच सकेगा सिपाही