• Home  »  दुनिया   »   पृथ्वी से एक बड़े ग्रह के टकराव में बना चंद्रमा, 60 प्रतिशत वायुमंडल हो गया था खत्म

पृथ्वी से एक बड़े ग्रह के टकराव में बना चंद्रमा, 60 प्रतिशत वायुमंडल हो गया था खत्म

वैज्ञानिकों के एक स्टडी में पता चला है कि चंद्रमा (Moon) 4.5 बिलियन साल पहले पृथ्वी (Earth) के साथ ग्रहों के टकराव में बना था. इस टक्कर में पृथ्वी का 60 प्रतिशत वायुमंडल नष्ट हो गया था.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 11:16 pm, Wed, 30 September 20
प्रतीकात्मक फोटो

पृथ्वी के चक्कर लगाने वाले चांद (Moon) की उत्‍पत्ति  कैसे हुई? क्या चांद अपने आसपास मौजूद ग्रहों से पुराना है? इन सब सवालों के जवाब अंतरिक्ष वैज्ञानिक खोजते रहते हैं. हाल ही में आई एक स्टडी ने काफी हद तक इन रहस्यों को सुलझाया है साथ ही पृथ्वी (Earth) को लेकर एक हैरान करने वाला खुलासा किया है.

दावा किया जा रहा है कि चंद्रमा का निर्माण लगभग 4.5 बिलियन साल पहले हुआ था. पृथ्वी और मंगल के आकार के एक ग्रह के साथ टक्कर में चंद्रमा की उत्पत्ति हुई थी. इस नई स्‍टडी के अनुसार चंद्रमा के निर्माण में ग्रहों के साथ टक्कर में पृथ्वी ने 60 प्रतिशत वायुमंडल (Atmosphere) खो दिया था. डरहम विश्वविद्यालय के नेतृत्व में की गई स्‍टडी में यह खुलासा हुआ है.

यह भी पढ़ें : Space: गलत थे चांद की उम्र को लेकर किए गए पुराने दावे! जानिए क्‍या है वैज्ञानिकों का नया खुलासा

इस स्टडी में 300 सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल किया गया है, जिन्हें ग्रहों की टक्कर पर रिसर्च करने के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है. ये कंप्यूृटर चंद्रमा पर स्टडी करने वाले वैज्ञानिक इस्तेमाल करते हैं.

इंस्टीट्यूट फॉर कम्प्यूटेशनल कॉस्मोलॉजी, डरहम विश्वविद्यालय के डॉ जैकब कीगरिस ने कहा कि वैज्ञानिक ग्रहों की टक्कर से जुड़े रहस्य का पता लगाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि वायुमंडल पर असर डालने वाले सभी कारणों की स्टडी की जा रही है. हम सीधे तौर पर तो नहीं कह सकते कि चंद्रमा का निर्माण कैसे हुआ था लेकिन इस रिसर्च से हम पृथ्वी के वायुमंडल पर ग्रहों की टक्कर के असर का पता जरूर लगा सकते हैं.

वैज्ञानिक वायुमंडल पर असर डालने वाले टकराव में शामिल ऑब्जेक्ट के अलग-अलग एंगल, वजन, आकार और स्पीड पर स्टडी कर रहे हैं. वैज्ञानिकों की रिसर्च में पता चला है कि चंद्रमा की उत्‍पत्ति के दौरान हुई टक्कर में पृथ्वी के वायुमंडल को 10 से 60 प्रतिशत का नुकसान हुआ था. रिसर्चर कहते हैं कि इस स्टडी से टकराव में शामिल दूसरे चट्टानी ग्रहों के वायुमंडल पर असर का भी पता लगाया जा सकता है.

यह भी पढ़ें : NASA और NOAA का दावा, शुरू हो चुका है ‘सोलर साइकिल 25’, जानिए सूरज पर क्या होंगे बदलाव?