ओमान के सुल्‍तान कबूस बिन सईद का निधन, पिता का तख्‍तापलट कर पाई थी गद्दी, जानें भारत से क्‍या है कनेक्‍शन

क़बूस बिन सईद अल सईद ने 1970 में अपने पिता सईद बिन तैमूर का तख्‍तापलट कर सत्‍ता हासिल की थी. बाद में देश का नाम बदलकर ओमान किया गया.
Sultan of Oman Qaboos bin Said al-Said, ओमान के सुल्‍तान कबूस बिन सईद का निधन, पिता का तख्‍तापलट कर पाई थी गद्दी, जानें भारत से क्‍या है कनेक्‍शन

ओमान के सुल्‍तान कबूस बिन सईद अल सईद का शनिवार तड़के निधन हो गया. वहां के सरकारी टीवी ने ट्विटर अकाउंट के जरिए यह जानकारी दी. बताया जाता है कि उनकी तबीयत खराब चल रही थी. वह मिडल ईस्‍ट और अरब देशों में सबसे लंबे समय पर राज करने वाले शासक रहे. क़बूस बिन सईद अल सईद ने 1970 में अपने पिता सईद बिन तैमूर का तख्‍तापलट कर सत्‍ता हासिल की थी. सईद को देश के विकास का आर्किटेक्‍ट कहा जाता है.

प्रधानमंत्री मोदी ने ओमान के सुल्‍तान के निधन पर शोक जताया है. उन्‍होंने कबूस को ‘विजनरी नेता और प्रशासक’ बताया. पीएम ने क़बूस के साथ एक तस्‍वीर भी शेयर की है.

18 नवंबर, 1940 को सलालाह में उनका जन्‍म हुआ था. वह अल बू सईद वंश के संस्‍थापक के सीधे वंशज थे. अल अरबिया के मुताबिक, सईद की पढ़ाई भारत और सैंडहर्स्‍ट की रॉयल मिलिट्री एकेडमी में हुई.

45 साल के अपने शासन में क़बूस बिन सईद अल सईद ने ओमान को गरीबी के चंगुल से निकाला. तेल के भंडारों का सही इस्‍तेमाल कर उन्‍होंने खाड़ी के इस देश को विकसित किया. मिडल ईस्‍ट में ओमान ने तटस्‍थ रुख बनाए रखा है तो इसकी वजह क़बूस ही थे. 2015 में ओमान ने ही ईरान और अमेरिका के बीच न्‍यूक्लियर डील करवाई थी. भारत ने 2004 में क़बूस को जवाहरलाल नेहरू अवार्ड फॉर इंटरनेशनल अंडरस्‍टैंडिंग दिया था.

संगीत के शौकीन रहे क़बूस ने खुद 120 मेंबर्स वाला ऑर्केस्‍ट्रा मेंटेन कर रखा था. यंग ओमानी नागरिकों वाले इस ऑर्केस्‍ट्रा की मिडल ईस्‍ट में धूम है.

कौन होगा नया सुल्‍तान?

क़बूस की कोई संतान नहीं थी और उन्‍होंने अपना उत्‍तराधिकारी भी सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं किया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्‍होंने अपनी पसंद एक सील्‍ड लिफाफे में रॉयल फैमिली काउंसिल को दे दी थी. सल्‍तनत का कानून कहता है कि शाही खानदान को तीन दिन के भीतर नया सुल्‍तान चुनना होगा.

अगर ऐसा नहीं होता तो देश की डिफेंस काउंसिल, सुप्रीम कोर्ट प्रमुख और कंसल्‍टेटिव काउंसिल के दोनों चैंबर्स के प्रमुख मिलकर क़बूस की पसंद को सुल्‍तान घोषित कर देंगे.

ओमान में सर्वोच्च निर्णायक सुल्तान होता है. उसके पास प्रधानमंत्री, सैन्य बलों का सुप्रीम कमांडर होता है और उसके पास रक्षा, वित्त और विदेश मंत्रालय होते हैं.

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