Exclusive : ईरान हमले पर सीरियाई एंबेसडर बोले- बात बढ़ी तो मिडिल ईस्ट में US बेस सेफ नहीं रहेंगे

उन्होंने कहा कि अमेरिका के खिलाफ ईरान, इराक और सीरिया तीनों एकजुट हैं. जहां भी अमेरिका है वहां न शांति है और न सुरक्षा.

सीरिया के एंबेसडर रियाद कामेल अब्बास ने टीवी9 भारतवर्ष के सामने ईरान के कमांडर कासिम सुलेमानी पर अमेरिका के हमले की वजह का खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि “जनरल सुलेमानी ही वह ‘मुख्य’ व्यक्ति थे जो अमेरिका के खिलाफ सीरिया की आर्मी का साथ दे रहे थे, इसलिए अमेरिका ने जनरल सुलेमानी को मार डाला.” इसी के साथ रियाद कामेल ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि अगर बात बढ़ी तो मिडिल ईस्ट में अमेरिका का एक भी बेस सुरक्षित नहीं बचेगा.

मालूम हो कि ईरान ने सुलेमानी की मौत के बाद इराक स्थित अमेरिका के कई एयरबेस पर मिसाइल दागे. ईरान दावा करता रहा है कि इन मिसाइल हमलों में अमेरिका के कई सैनिक मारे गए हैं, हालांकि अमेरिका इन दावों का खंडन करता रहा है. ईरान और अमेरिका, दोनों के ही दावों के बाद सीरिया के एंबेसडर ने टीवी9 से खास बातचीत में कहा, “इराक में अमेरिकी बेस पर बहुत से सैनिक मरे हैं. मैं आपको इसका भरोसा दिला सकता हूं.” उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की एक भी मिसाइल को नहीं रोक सका.

ईरान ने धूल में मिलाई अमेरिका की प्रतिष्ठा

पिछले दिनों सीरिया के भी कई इलाकों में मिसाइल्स दागी गई हैं. इन मिसाइल्स से अपनी सुरक्षा से संबंधित सवाल पर रियाद कामेल ने कहा कि सीरिया ने रूस का S300 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदा है. ऐसे में अगर कोई भी मिसाइल हमारी तरफ आई तो उसका जवाब मिलेगा. हालांकि इसी के साथ वह दावा करते हैं कि अमेरिका के खिलाफ ईरान, इराक और सीरिया तीनों एकजुट हैं.

उन्होंने कहा, “हम अपने अमेरिका के विरुद्ध दोस्त मुल्कों ईरान, इराक और हिजबुल्ला के संपर्क में हैं. हमें गर्व है कि हम रूस के साथ हैं. रूस इस इलाके में अंतरराष्ट्रीय कानून लागू करेगा, वह किसी भी बाहरी हमले के खिलाफ है.” ईरान की कार्रवाई पर सीरिया के एंबेसडर का कहना है कि ईरान ने अमेरिका को चांटा मारा है. अगर कोई विद्यार्थी किसी अध्यापक को चांटा मार देता है, तो इसका मतलब यह है कि अध्यापक की प्रतिष्ठा धूल में मिल गई है. ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका की प्रतिष्ठा को धूल में मिला दिया है.

सीरिया के नेचुरल रिसोर्सेज पर कंट्रोल चाहता है अमेरिका 

मिडिल ईस्ट में अमेरिकी दखल पर सीरिया के राजदूत ने कहा कि अमेरिका, रूस और ईरान के गैस भंडार को चुनौती देना चाहता है. इसी के लिए वह मिडिल ईस्ट का इस्तेमाल कर रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका सीरिया के नेचुरल रिसोर्सेज पर कंट्रोल करना चाहता है. यह गैस का युग है. सीरिया के पास विश्व का सबसे बड़ा गैस का भंडार है. अमेरिका इस पर कब्जा करना चाहता है. ट्रंप ने खुलकर यह बात कही है. अमेरिका मिडिल ईस्ट में रूस और ईरान के हितों के खिलाफ काम कर रहा है.

रियाद कामेल ने कहा कि सबसे ज्यादा गैस रूस के पास है, फिर इरान के पास और उसके बाद कतर के पास. अमेरिका मिडिल ईस्ट का इस्तेमाल कर इनका मुकाबला करना चाहता है. अमेरिका के इरादों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि जिसने अफगानिस्तान में अलकायदा को बनाया, उसी ने मिडिल ईस्ट में ISIS को बनाया. ISIS के पीछे अमेरिका है.

जहां भी अमेरिका है, वहां न शांति है न सुरक्षा

जनरल सुलेमानी के बारे में रियाद कामेल ने कहा कि वह एक सुपर पावर कमांडर थे. जो ISIS के खिलाफ लड़ रहे थे. उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों के आतंकी समूहों को शिकस्त दी थी. हम सीरिया में अमेरिकन वजूद को खुलकर खिलाफत करते हैं. हम अंतिम वक्त तक सीरिया से अमेरिका को उखाड़ फेंकने की लड़ाई लड़ते रहेंगे.

मिडिल ईस्ट से अमेरिका को खदेड़ने की बात कहते हुए सीरिया के राजदूत ने कहा कि इराक की संसद में अमेरिका से बाहर जाने को कहा गया है. अगर इराक की जमीन पर अब किसी भी अमेरिकन सिपाही का खून हुआ तो ट्रंप की जिम्मेदारी होगी. इराक और सीरिया के लोग किसी भी उपनिवेशवादी देश के कब्जे को इजाजत नहीं दे सकते हैं. उन्होंने तुर्की और अमेरिका पर आतंक का पोषण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तुर्की और अमेरिका सीरिया में आतंकवाद को सपोर्ट कर रहे हैं. हम सीरिया को उनसे आजाद कराएंगे. उन्होंने कहा कि जहां भी अमेरिका है वहां न शांति है और न सुरक्षा.

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