नागरिकता कानून: पूर्वोत्तर में हिंसक प्रदर्शन पर अमेरिका की एडवाइजरी, अपने नागरिकों को किया अलर्ट

अमेरिकी दूतावास के बयान में बताया गया है, 'देश के अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शन हो रहे हैं. अमेरिकी सरकार ने असम जाने पर अस्थायी तौर पर रोक लगाया है.'

देश के पूर्वोत्तर राज्यों में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन पर अमेरिका ने अपने नागरिकों को चेतावनी दी है. अमेरिका ने अपने नागरिकों को कहा है कि भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में जाने में सावधानी बरतें. वहीं असम जाने का ख्याल कुछ दिनों के लिए टाल दें.

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शन की आग असम में शुरू होकर पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों से गुजरते हुए पश्चिम बंगाल तक फैल गया है. अमेरिका ने पूर्वोत्तर भारत में यात्रा करने को लेकर अपने देश के नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया है.

देश की राजधानी नई दिल्ली में स्थित अमेरिकी दूतावास ने एडवाइजरी जारी की. उसमें लिखा है, ‘भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में गए या जाने की सोच रहे अमेरिकी नागरिक सचेत रहें. नागरिकता कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शन और हिंसा संबंधी मीडिया रिपोर्ट्स के मद्देनजर सावधानी बरतें. कुछ इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया है. वहां इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है.’

अमेरिकी दूतावास के बयान में बताया गया है, ‘देश के अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शन हो रहे हैं. अमेरिकी सरकार ने असम जाने पर अस्थायी तौर पर रोक लगाया है.’

नागरिकता संशोधन कानून के बाद से देश के पूर्वोत्तर राज्यों में तनाव के हालात हैं. असम, मेघालय और त्रिपुरा में हालात ज्यादा खराब हैं. मुख्यमंत्री, राज्यपाल, गृहमंत्री और यहां तक कि प्रधानमंत्री की सार्वजनिक अपील का भी कोई अच्छा असर नहीं पड़ा है. असम में 22 दिसंबर तक स्कूल-कॉलेजों को बंद किया गया है. सेना और पुलिस की तैनाती के बावजूद लोग कर्फ्यू का उल्लंघन कर रहे हैं.

सेना और असम राइफल्स की आठ टुकड़ियां तैनात

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ असम में शुरू हिंसक प्रदर्शन को काबू में करने के लिए राजधानी गुवाहाटी सहित दूसरी जगहों पर सेना और असम राइफल्स की आठ टुकड़ियां तैनात हैं. रक्षा विभाग के पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल पी खोंगसाई के मुताबिक बिगड़ती कानून व्यवस्था को काबू में लाने के लिए गुवाहाटी के अलावा मोरीगांव, सोनितपुर और डिब्रूगढ़ जिलों में प्रशासन ने सेना और असम राइफल्स की मांग की है. हर टुकड़ी में करीब 70 जवान होते हैं. खोंगसाई ने कहा कि सेना और असम राइफल्स की टुकड़ियां तैनाती से वहां स्थिति सामान्य करने में मदद मिल रही हैं.

पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल इलाकों में हिंसक प्रदर्शन तेज

पश्चिम बंगाल में भी नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शनकारी हिंसक होते जा रहे हैं. राज्य में ग्रामीण हावड़ा, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, बर्दवान के इलाके ओर उत्तरी बंगाल जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में हिंसक प्रदर्शन तेज होते जा रहे हैं. वहां भी सार्वजनिक संपत्ति को आग के हवाले किया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव कई जगहों पर हिंसक हो गई हुईं. मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा रेलवे स्टेशन परिसर में आग लगा दी गई है और आरपीएफ के जवानों को चोटें पहुंचाई गई है.

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