नई तस्वीरें बताती हैं समुद्र के अंदर गायब होता जा रहा है टाइटैनिक का मलबा

अटलांटिक महासागर में 4 हजार मीटर नीचे मौजूद टाइटैनिक के मलबे को सूक्ष्म जीव और जंग खत्म कर रहे हैं.

दुनिया में शायद ही कोई हो जिसने टाइटैनिक जहाज की कहानी न सुनी हो. टाइटैनिक की इस प्रसिद्धि का श्रेय जेम्स कैमरून की फिल्म को जाता है. इस जहाज के बारे में कहा जाता था कि ये कभी डूब नहीं सकता. लेकिन ये अपने पहले ही सफर में समुद्र की गहराई में समा गया. 14 अप्रैल 1912 को बर्फीली चट्टानों से टकराकर कुछ ही घंटों में टाइटैनिक अटलांटिक महासागर में डूब गया था.

Titanic Wreck, नई तस्वीरें बताती हैं समुद्र के अंदर गायब होता जा रहा है टाइटैनिक का मलबा

तकरीबन 34 साल पहले खोजे गए टाइटैनिक जहाज के मलबे की नई तस्वीरें आई हैं जिन्हें देखकर बताया जा रहा है कि उसे समुद्र निगल रहा है. मलबे की खोज के बाद से अब तक ढेर सारे वैज्ञानिक, फिल्म और डॉक्यूमेंट्री मेकर, टूरिस्ट आदि टाइटैनिक के मलबे को देखने जा चुके हैं.

कुछ दिन पहले एक टीम ने ट्राइटन पनडुब्बी में जाकर टाइटैनिक के मलबे का वीडियो बनाया. कंपनी का दावा है कि 14 साल में पहली बार इस तरह से टाइटैनिक को देखा गया है. ट्राइटन के अध्यक्ष पैट्रिक लाहे ने बताया ‘ये अच्छी बात है कि समुद्र इस पर फिर से आधिपत्य जमा रहा है.’

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लाहे ने बताया कि जहाज के कई हिस्से गल चुके हैं. लोहे में जंग लग रहा है और कई हिस्सों को सूक्ष्म समुद्री जीव खा रहे हैं. कैप्टन स्मिथ का कमरा नष्ट हो चुका है. टाइटैनिक के झरोखे और उनमें लगे शीशे बचे हुए हैं जबकि उनके आस पास की चीजें खत्म हो रही हैं.

बता दें कि टाइटैनिक 2 हजार 224 लोगों को लेकर यात्रा कर रहा था. 14 अप्रैल 1912 की रात बर्फीली चट्टानों से टकराने के बाद जहाज के दो टुकड़े हो गए और 15 अप्रैल की सुबह तक दोनों टुकड़े डूब गए. इस हादसे में 1500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी.