ट्रंप प्रशासन ने बदली कोविड टेस्टिंग की गाइडलाइंस, अमेरिकियों से कहा- बिना लक्षणों के भी कराएं जांच

सेंटर फॉर डिजीज़ कंट्रोल एन्ड प्रिवेंशन (CDC) को स्वास्थ्य अधिकारियों और विशेषज्ञों से इस बात को लेकर नाराज़गी झेलनी पड़ थी कि जिन लोगों में लक्षण नहीं हैं उन्हें टेस्ट (Corona Test) कराने की आवश्यकता भी नहीं है

ट्रंप प्रशासन कोविड-19 टेस्टिंग (COVID 19 Testing) की गाइडलाइंस में बदलाव किया है. कहा गया है कि जिनमें लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं, उन्हें भी टेस्टिंग की ज़रूरत है. ट्रम्प प्रशासन ने शुक्रवार को कोविड 19 टेस्टिंग की गाइडलाइंस को दूसरी बार पलटा है. इसमें लोगों से अनुरोध किया गया है कि बिना लक्षणों के भी वो कोरोना टेस्ट कराएं.

सेंटर फॉर डिजीज़ कंट्रोल एन्ड प्रिवेंशन (CDC) को स्वास्थ्य अधिकारियों और विशेषज्ञों से इस बात को लेकर नाराज़गी झेलनी पड़ थी कि जिन लोगों में लक्षण नहीं हैं उन्हें टेस्ट कराने की आवश्यकता भी नहीं है.

लक्षण दिखने पर टेस्टिंग पर दिया था ज़ोर

24 अगस्त से पहले सीडीसी ने लक्षण दिखने वाले लोगों की टेस्टिंग पर ही ज़ोर दिया था. शुक्रवार को सीडीसी की अपडेटिड गाइडलाइंस को प्रभावी रूप से लागू किया जाना है. ऑनलाइनड मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ज़्यादातर अमेरिकी राज्यों ने सीडीसी की गाइडलाइंस को खारिज कर दिया था.

सीडीसी की वेबसाइट पर भी इस संबंध में बदलाव कर दिया गया है. संक्रामक रोग सोसायटी ऑफ अमेरिका के अध्यक्ष थॉमस फाइल ने कहा कि ये गाइडलाइंस महामारी के खिलाफ हमारे लिए एक अच्छी ख़बर है.

ट्रंप प्रशासन की मंशा पर उठे थे सवाल

राज्य के कुछ अन्य अधिकारियों ने पिछले महीने कहा था कि टेस्टिंग में कमी के पीछे ट्रंप की मंशा कोरोना मामलों को कम करने की है. ट्रंप ने हाल ही में एक चुनावी रैली के दौरान टेस्टिंग को दोधारी तलवार कहा था, क्योंकि इसके चलते देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) के ज़्यादा मामले सामने आ रहे हैं और संयुक्त राष्ट्र अमेरिका की स्थिति ज़्यादा बदतर दिखाई दे रही है.

उन्होंने कहा अधिकारियों से उन्होंने टेस्टिंग को धीमा करने का आग्रह किया है. हालांकि ट्रंप (Trump) की ये टिप्पणी मज़ाक के तौर पर सामने आई थी.

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