चीनी मीडिया पर अमेरिका में बढ़ी सख्ती, ट्रंप प्रशासन ने बताया- कम्युनिस्ट पार्टी की प्रोपगेंडा मशीन

अमेरिकी प्रशासन (Trump Adminitration) ने फिलहाल इनमें से किसी को देश छोड़ने या गतिविधियों को सीमित करने के लिए साफ तौर पर नहीं कहा है. इससे पहले मार्च में चीन के 5 ऑर्गेनाइजेशंस को अमेरिका में स्टाफ की संख्या तय करने के लिए कहा गया था.
Trump administration tightens Chinese media, चीनी मीडिया पर अमेरिका में बढ़ी सख्ती, ट्रंप प्रशासन ने बताया- कम्युनिस्ट पार्टी की प्रोपगेंडा मशीन

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) प्रशासन ने चार और चीनी मीडिया आउटलेट को विवादित समूहों की लिस्ट में शामिल किया है. अमेरिकी प्रशासन ने सोमवार को इन मीडिया संगठनों को भी चीन सरकार और वहां की सत्तारुढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (Communist Party Of China ) से जुड़ा हुआ और उसका प्रोपगेंडा करने वाला माना है. इस कार्रवाई के पीछे अमेरिका में चीनी मीडिया के स्टाफ कम किए जाने की मंशा बताई जा रही है.

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अमेरिका के विदेश विभाग के अधिकारियों के मुताबिक चीन के इन चार मीडिया संगठनों से अमेरिका में जुड़े सभी स्टाफ या लोगों की लिस्ट सौंपनी होगी. वे लोग एंबेसी या कॉन्सूलेट में रहते हैं इसकी जानकारी भी देनी होगी. इसके अलावा अगर उनमें से किसी ने अमेरिका में रियल एस्टेट में निवेश किया है तो उसकी जानकारी भी देनी होगी.

चीन की मीडिया पर मार्च से ही सख्ती

अमेरिकी प्रशासन ने फिलहाल इनमें से किसी को देश छोड़ने या गतिविधियों को सीमित करने के लिए साफ तौर पर नहीं कहा है. इससे पहले मार्च में चीन के 5 ऑर्गेनाइजेशंस को अमेरिका में स्टाफ का नंबर तय करने के लिए कहा गया था. एक महीने बाद सबको फॉरेन मिशन के तहत तैनात माना जाने लगा था.

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक ये मीडिया आउटलेट्स चीन सरकार और कम्युनिस्ट पार्टी की माउथपीस हैं. इनकी वैधानिकता नहीं है. कम्युनिस्ट पार्टी ऑपरेशनल की जगह एडिटोरियल के रास्ते से इन प्रोपगेंडा मुहिम को नियंत्रित करता है. अमेरिकी विदेश विभाग में पूर्वी एशिया एवं पैसिफिक मामलों के सहायक सचिव डेविट स्टिलवेल ने कहा कि फॉरेन मिशन का गठन पारदर्शिता बढ़ाने और विदेशी प्रोपगेंडा पर निगाह रखने के लिए किया गया है.

फॉरेन मिशन लिस्ट में डालने का मतलब

अमेरिका ने इन सब मीडिया संगठनों को फॉरेन मिशन ( दूतावास के अंग) का दर्जा दिया है. इसका मतलब अमेरिका इन संगठनों को मीडिया संस्थान के बज़ाय स्टेट आर्गेनाईजेशन के रूप में देखेगा और व्यवहार करेगा. इन संस्थानों की तरफ से जो बातें कही जाएगी उसे चीन की सरकार का आधिकारिक विचार माना जाएगा.

चाइना न्यूज सर्विस, द पीपल्स डेली, CCTV और ग्लोबल टाइम्स को भी अमेरिका में फॉरेन मिशन की लिस्ट में शामिल किया गया है. फिलहाल ये साफ नहीं है कि इन मीडिया संगठनों के कितने पत्रकार अमेरिका में काम करते हैं और इस मामले में चिन्हित किए गए हैं.

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