भारत-पाकिस्तान में तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का कश्मीर पर बड़ा बयान

डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान पीएम मोदी से जी 7 की बैठक में हुई मुलाकात के दो सप्ताह बाद आया है.

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का ऑफर दोहराया है. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा है कि, वे किसी तरह की मध्यस्थता या मदद तभी करेंगे जब दोनों देश इसके लिए राजी हों. वाशिंगटन में ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच दो हफ्ते पहले जिस तरह की कटुता देखने को मिली थी उसमें अब कमी आई है. आपको बता दें कि ट्रंप पहले भी कश्मीर पर मध्यस्थता की पेशकश कर चुके हैं लेकिन भारत दो टूक कह चुका है कि कश्मीर भारत-पाकिस्तान के बीच का मुद्दा है और इसमें भारत को तीसरा पक्ष मजूंर नहीं.

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि बीते दो सप्ताह में दोनों देशों के बीच का माहौल पहले की तुलना में थोड़ा ठंडा हुआ है. सबको पता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे को लेकर शुरू से ही विवाद रहा है लेकिन दो सप्ताह पहले की तुलना में वहां का माहौल ठीक है.

उन्होंने आगे मध्यस्थता की बात दोहराते हुए कहा कि मेरी दोनों देशों के प्रतिनिधि से बात हुई है और अगर वे चाहें तो मैं उनकी मदद कर सकता हूं.

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान पीएम मोदी से जी 7 की बैठक में हुई मुलाकात के दो सप्ताह बाद आया है.

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने कश्मीर विवाद के निपटारे के लिए दोनों देशों के बीच मध्यस्थ बनने की बात भी कही थी. ट्रंप ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने को कहा था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच ‘मध्यस्थता’ की पेशकश की थी. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने व्हाइट हाउस में ट्रंप से पहली बार मुलाकात की जहां दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की थी. भारत सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस चौंकाने वाले दावे से इनकार किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें कश्मीर पर मध्यस्थता करने के लिए कहा था.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया था कि हमने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा प्रेस को दिये उस बयान को देखा है जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि भारत और पाकिस्तान अनुरोध करते हैं तो वह कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता के लिए तैयार हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से इस तरह का कोई अनुरोध नहीं किया है.’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने उन्होंने कहा था कि ‘भारत का लगातार यही रुख रहा है कि पाकिस्तान के साथ सभी लंबित मुद्दों पर केवल द्विपक्षीय चर्चा होगी. पाकिस्तान के साथ किसी भी बातचीत के लिए सीमापार आतंकवाद पर रोक जरूरी होगी. भारत और पाकिस्तान के बीच सभी मुद्दों के समाधान के लिए शिमला समझौता और लाहौर घोषणापत्र का अनुपालन आधार होगा.’

जिसके बाद अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट करते हुए कहा था कि कश्मीर एक दि्वपक्षीय मुद्दा है और दोनों पक्षों को इस पर चर्चा करनी चाहिए. ट्वीट में लिखा गया है, ‘कश्मीर एक दि्वपक्षीय मुद्दा है, जिस पर दोनों पक्षों को चर्चा करनी चाहिए. ट्रंप प्रशासन स्वागत करता है भारत और पाकिस्तान की वार्ता का और अमेरिका हमेशा मदद करने के लिए तैयार है.’

कब-कब हुई मध्यस्था की पेशकश

23 जुलाई 2019
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21 अगस्त 2019
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26 अगस्त 2019
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9 सितंबर 2019
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