अब इस देश में सार्वजनिक संस्थानों में बुर्क़ा पहनने पर लगा बैन, जानिए और कहां-कहां है प्रतिबंध

नीदरलैंड्स से लेकर ऑस्ट्रिया तक और कनाडा के कुछ हिस्सों में बुर्क़ा बैन लागू किया गया है.

नई दिल्ली: ट्यूनीशिया ने सभी सरकारी संस्थान पर मुस्लिम महिलाओं के बुर्क़ा पहनने पर पाबंदी लगा दी है. नए नियम के मुताबिक अब किसी भी सार्वजनिक भवन में घुसने के लिए मुस्लिम महिलाओं को अपने चेहरे से बुर्क़ा हटाना होगा, अन्यथा उन्हें अंदर जाने की इजाज़त नहीं दी जाएगी.
अदिकारियों के मुताबिक ट्यूनीशिया के प्रधानमंत्री युसुफ़ चाहेद ने यह नियम सुरक्षा कारणों की वजह से बनाया है.

प्रवक्ता के मुताबिक, ‘चाहेद ने शुक्रवार को एक सर्कुलर पर दस्तख़त किया है जिसके तहत सार्वजनिक प्रशासन और संस्थानों में किसी भी बुर्क़ानशी महिला के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.’

हालांकि यह नियम सुरक्षा कारणों की वजह से ही लगाया गया है ऐसा तो नहीं कहा गया है लेकिन हाल के दिनों में जिस तरह से ट्यूनीशिया में सिलसिलेवार धमाके हुए हैं उससे यही कारण जान पड़ता है. मंगलवार को एक वांटेड आतंकी ने पुलिस द्वारा घेर लिए जाने के बाद ख़ुद को उड़ा लिया.

वहीं 27 जून को हुए दो बम धमाकों में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई जबकि आठ लोग घायल हुए. इस हमले का मास्टरमाइंड अयमेन सिमरी को बताया जा रहा है. हमले का असर इतना हुआ कि ब्रिटेन ने अपने सभी नागरिकों को ट्यूनीशिया नहीं जाने या ख़तरे से भरा बताते हुए एक सर्कुलर जारी कर दिया.

फरवरी 2014 में ट्यूनीशिया के गृहमंत्री ने पुलिस को बुर्क़ा पहनने वाली सभी महिलाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा था.

बुर्क़ा बैन कुछ वक्त पहले तक घोर दक्षिणपंथी लोगों के बीच लोकप्रिय था, लेकिन पिछले कुछ वक्त में वैश्विक स्तर पर यह प्रचलन बढ़ा है. नीदरलैंड्स से लेकर ऑस्ट्रिया तक और कनाडा के कुछ हिस्सों में बुर्क़ा बैन लागू किया गया है. पिछले कुछ वक्त में कई देशों में प्रशासन ने चेहरा ढंकने वाले परिधानों के प्रयोग पर बैन का कानून बनाया है.

यहां तक कि मुस्लिम मुल्क इजिप्ट में भी इसे लागू किया गया है. मुस्लिम भाईचारे को परे रखकर इजिप्ट में कट्टरपंथी इस्लामिक संगठनों पर कार्रवाई के तौर पर फैसला लिया है.

श्रीलंका में भी बुर्क़ा पहनने पर बैन

श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने 29 अप्रैल को सार्वजनिक स्थानों में चेहरा छुपानेवाले परिधानों के पहनने पर बैन लगा दिया है. ईस्टर के दिन हुए धमाके के बाद श्रीलंका की सरकार ने यह फैसला लिया है. इस हमले की जिम्मेदारी आईएस के साथ देस के 2 अन्य इस्लामिक आतंकी संगठनों ने ली है.

श्रीलंका के इस्लामिक विद्वानों का कहना है कि थोड़े समय के लिए इसे समर्थन कर रहे हैं, लेकिन बुर्क़ा के खिलाफ किसी तरह के कानूनी आदेश का विरोध करेंगे.

अफ्रीका और फ्रांस के कई देशों में बुर्के पर बैन
अफ्रीका के गैबन, चाड और कॉन्गो के साथ यूरोप में बेल्जियम और फ्रांस ने भी चेहरा ढंकने वाले परिधानों के प्रयोग पर पाबंदी लगाई है.

फ्रांस ने बुर्के पर बैन लगाने से पहले सार्वजनिक स्कूलों में किसी भी धार्मिक पहचान के चिह्न के पहनने जैसे सिर पर स्कार्फ, नेकलेस आदि पर भी बैन लगाया था. फ्रेंच बोलनेवाले कुछ दूसरे देशों में भी बैन आंशिक तौर पर लगाया गया है जैसे नीदरलैंड्स में चेहार ढंकने वाले.

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चीन में मुस्लिमों के दाढ़ी-बुर्क़ा और हलाल प्रोडक्ट पर भी बैन

चीन में रह रहे अल्पसंख्यक समुदायों को बुर्क़ा और दाढ़ी दोनों पर प्रतिबंध का सामना करना पड़ रहा है. इतना ही नहीं वहां तो हलाल प्रोडक्ट पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. इस रोक के पीछे सरकार ने तर्क दिया है कि इससे धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा मिल रहा है.