हिंदू पिता और मुस्लिम मां की बच्‍ची को UAE ने दिया जन्‍म प्रमाण पत्र, पहले नहीं होता था ऐसा

UAE के अधिकारियों ने पिता के हिंदू होने को वजह बताकर सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया था.

संयुक्‍त अरब अमीरात (UAE) ने एक भारतीय जोड़े के बेटे को जन्‍म प्रमाण पत्र जारी किया है. इस मध्‍य एशियाई देश में मुस्लिम महिलाओं के गैर मुस्लिम से शादी करने की इजाजत नहीं है. शारजाह में काम करने वाले किरण बाबू और सनम साबू सिद्दीकी ने 2016 में केरल में शादी रचाई थी. 2017 में जब दोनों UAE आए, तब कोई समस्‍या नहीं हुई. हालांकि 2018 में जब उनके बच्‍चे का जन्‍म हुआ, तो अधिकारियों ने कानून का हवाला देकर जन्‍म प्रमाण पत्र देने से इनकार कर दिया.

खलीज टाइम्‍स से बातचीत में बच्‍चे के पिता ने कहा, “मेरे पास अबू धाबी का वीजा है. मुझे वहां से इंश्‍योरेंस कवरेज मिला और मैंने पत्‍नी को एक अस्‍पताल में भर्ती कराया था. लेकिन जब बच्‍चे की डिलीवरी हुई तो बर्थ सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया गया, क्‍योंकि मैं हिंदू हूं. फिर मैंने अदालत के लिए नो-ऑब्‍जेक्‍शन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया. चार महीने तक ट्रायल चला मगर मेरा केस खारिज कर दिया गया.”

अब ऐसे कपल्‍स को क्‍या करना होगा?

पिता के अनुसार, इस दौरान भारतीय दूतावास ने आउट-पास के नियम के जरिए मदद की. हालांकि नवजात को इमिग्रेशन क्लियरेंस नहीं मिला क्‍योंकि उसके जन्‍म को साबित करने का कोई रजिस्‍ट्रेशन नंबर या डेटा था ही नहीं. उन्‍होंने कहा, “दूतावास के काउंसलर एम राजामुरुगन ने हमारी मदद की. आखिर में न्‍याय‍ विभाग ने मेरे मामले में अपवाद बना दिया. मुझे बताया गया कि अब ऐसे मामलों में, एक चिट्ठी लिखनी होगी, चीफ जस्टिस से अप्रूव करानी होगी और फिर जन्‍म प्रमाण पत्र के लिए हेल्‍थ अथॉरिटी के पास ले जाना होगा.

आखिरकार 14 अप्रैल को बच्‍चे का जन्‍म प्रमाण पत्र जारी किया गया. पिता ने कहा, “मुझे बताया गया है कि यह पहला मामला है जहां नियम बदले गए हैं.” परिवार ने UAE के नेताओं, अधिकारियों के अलावा दूतावास का शुक्रिया अदा किया है.

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