4 अक्टूबर से हो रही है उमरा की शुरुआत, 1 नवंबर से विदेशी नागरिक भी कर सकेंगे मक्का की यात्रा

लगभग छह महीने पहले मार्च में कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के कारण मुसलमानों की सालभर चलने वाली इस तीर्थयात्रा को बंद कर दिया गया था. इसके बाद हज यात्रा पर भी महामारी के चलते रोक लगा दी गई थी.

मक्का
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सऊदी अरब ने धीरे-धीरे उमरा की शुरुआत करने का फैसला लिया है. सऊदी (Saudi Arabia) के आंतरिक मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि 4 अक्टूबर से एक बार फिर उमरा (Umrah) की शुरुआत की जा रही है. लगभग छह महीने पहले मार्च में कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के कारण मुसलमानों की सालभर चलने वाली इस तीर्थयात्रा को बंद कर दिया गया था. इसके बाद हज यात्रा पर भी महामारी के चलते रोक लगा दी गई थी.

हालांकि अब उमरा की एक बार फिर से शुरुआत हो रही है, लेकिन ये धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से होगी. मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया है कि पहले चरण में 4 अक्टूबर से रोजाना 6000 स्थानीय नगारिकों को ही उमरा की इजाजत होगी. वहीं दूसरे देशों से आने वाले लोगों को 1 नवबंर से उमरा की इजाजत होगी. तब तक रोजाना 20,000 तीर्थयात्री उमरा कर सकेंगे.

कोरोना के चलते हज और उमरा पर लगी रोक

उमरा, जिसका संबंध इस्लामिक तीर्थस्थल मक्का की यात्रा से है और ये साल में कभी भी की जा सकती है. लाखों की संख्या में लोग सालभर उमरा करने मक्का आते हैं. हालांकि कोरोना महामारी के चलते हज के साथ-साथ उमरा पर भी रोक लगा दी गई थी. मंत्रालय का कहना है कि पहले की तरह उमरा की शुरुआत तभी हो सकेगी जब कोरोना का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाएगा.

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अधिकारियों के मुताबिक उमरा की शुरुआत दुनियाभर में मौजूद मुस्लिम समुदाय की भारी मांग के बाद की गई है, जो इस्लामिक तीर्थस्थल का दौरा करना चाहते हैं. ये फैसला जुलाई में सीमित लोगों के साथ हज की शुरुआत किए जाने के बाद लिया गया है. इसबार सिर्फ 10,000 लोगों को ही हज (Hajj) की इजाजत थी, जबकि पिछले साल 25 लाख लोगों ने हज यात्रा की थी.

कोरोना काल में हुई हज यात्रा

वहीं स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक कोरोना काल के दौरान हुई हज यात्रा में तीर्थ स्थलों के पास कोरोना संक्रमण का कोई मामला नहीं मिला. हज यात्री विशाल मक्का मस्जिद के भीतर काबा की परिक्रमा करते हैं. इसी मस्जिद की दिशा में दुनियाभर के मुस्लिम प्रार्थना करते हैं. इस बार की गई हज यात्रा में यात्रियों ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया और यात्रियों का समय-समय पर तापमान भी जांचा गया. यात्रियों को यात्रा से पहले अनिवार्य क्वारंटीन भी होना पड़ा.

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