अमेरिका में ब्लैकलिस्टेड हुआ पाकिस्तान का एसएसपी, पढ़ें- कौन है 400 लोगों का कातिल यह राव अनवर खान

अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट के मुताबिक अनवर ने 190 से ज्यादा फर्जी मुठभेड़ों को अंजाम देते हुए 400 बेकसूर लोगों का कत्ल कर दिया. इसमें वजीरिस्तान निवासी नकीबुल्लाह मसूद का कत्ल भी शामिल है.
United States sanctions Pakistani cop, अमेरिका में ब्लैकलिस्टेड हुआ पाकिस्तान का एसएसपी, पढ़ें- कौन है 400 लोगों का कातिल यह राव अनवर खान

पाकिस्तान के पुलिस अधिकारी राव अनवर खान को अमेरिका ने मंगलवार को काली सूची में डाल दिया है. मलीर के पूर्व सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) को खतरनाक तौर पर मानवाधिकारों के हनन का दोषी माना गया है. अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट के मुताबिक अनवर ने 190 से ज्यादा फर्जी मुठभेड़ों को अंजाम देते हुए 400 बेकसूर लोगों का कत्ल कर दिया. इसमें वजीरिस्तान निवासी नकीबुल्लाह मसूद का कत्ल भी शामिल है.

राव अनवर छह देशों के उन 18 संदिग्ध लोगों में शामिल है जिस पर डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने मानवाधिकारों के हनन मामले में पाबंदियां लगाई है. इसके अलावा दो अन्य लोगों को भी अमेरिका में घुसने से रोका गया है. इसमें तुर्की में सऊदी अरब के कौंसल जनरल का नाम भी शामिल है. जनरल पर वरिष्ठ पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या में शामिल होने का आरोप है. अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर अमेरिका ने यह एलान किया.

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के सचिव स्टीवेन म्नूचिन ने बताया कि एलान के मुताबिक पाकिस्तान के मलीर जिले का एसएसपी रहते हुए राव अनवर ने सैकड़ों फर्जी एनकाउंटर को अंजाम दिया जिनमें पुलिस ने बेकसूर लोगों का कत्ल किया. अनवर 190 ऐसे फर्जी एनकाउंटर में शामिल रहा जिसमें 400 लोगों का मारा गया. अनवर पुलिस और शातिर अपराधियों के ऐसे गठजोड़ की मदद करता था जो जमीन कब्जा करने, फिरौती वसूलने, ड्रग्स का धंधा और हत्या वगैरह को अंजाम देता है.

उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों का आदतन हनन करनेवाला अनवर ऐसे मामलों की साजिश करने, उसमें शामिल रहने और मदद पहुंचाने का दोषी पाया गया. पाबंदी के चलते अब कोई भी अमेरिकी नागरिक अनवर के साथ किसी भी तरह का आर्थिक संबंध नहीं रख सकता.

डॉन में छपी खबर के मुताबिक पाकिस्तान का यह फर्जी एनकाउंटर मास्टर अनवर बीते साल दक्षिणी वजीरिस्तान के बेकसूर नौजवान नकीबुल्लाह मसूद के कत्ल के ट्रायल के दौरान ही रिटायर हो गया. मसूद वजीरिस्तान से कराची आकर छोटी दुकान चलाता था. इस कांड के बाद सोशल मीडिया पर विरोध तेज हो गया. मसूद ट्राइब और पख्तून तहाफूज मूवमेंट (पीटीएम) इंसाफ की मांग के साथ प्रदर्शन करने लगे थे.

सिविल सोसायटी की ओर से दबाव बढ़ने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर मामले की जांच शुरू की और अनवर की गिरफ्तारी का आदेश दिया. इसके बाद अनवर फरार हो गया था. मार्च 2018 में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था. सुप्रीम कोर्ट में पेशी के बाद जांच एजेंसियों ने एक महीने तक उससे पूछताछ की. तीन महीने की कैद के बाद एंटी टेररिज्म कोर्ट ने अनवर को जमानत पर रिहा कर दिया था.

साल 1982 में एएसआई के पोस्ट पर बहाल हुआ अनवर विभाग में पहले क्लर्क का काम करता था. मुत्ताहिद कौमी मूवमेंट के खिलाफ ऑपरेशन में लगने के बाद वह पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के करीब हो गया. फिर करियर में उतार चढ़ाव के साथ वह फर्जी एनकाउंटर से मशहूर होता रहा.

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