अमेरिका: शिंजियांग से पांच निर्यातों पर लगाई रोक, मजदूरों से जबरन कराया जा रहा था काम

होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) के उप सचिव केन कुइक्नेल्ली ने कहा कि मानवाधिकारों का उल्लंघन करके मजदूरों से जबरन काम कराना एक तरह की मॉर्डन गुलामी है. अमेरिका एसे उत्पादों का आयात नहीं करेगा.

Donald Trump

अमेरिका (America) ने चीन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है. अमेरिका ने चीन (China)  के शिंजियांग इलाके से आने वाले पांच  प्रोडक्ट्स पर रोक लगा दी है. कपास, हेयर प्रोडक्ट, कंप्यूटर पार्टस और कुछ टेक्सटाइल उत्पादों पर रोक लगाई गई है, अमेरिका का कहना है कि इन कंपनियों में लोगों को काम करने के लिए मजबूर किया जाता है.

होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) के उप सचिव केन कुइक्नेल्ली ने कहा कि यह कदम चीन में चल रहे अवैध और अमानवीय मजदूरी के खिलाफ उठाया गया है. उनका कहना है कि मानवाधिकारों का उल्लंघन करके मजदूरों से जबरन काम कराना एक तरह की मॉर्डन गुलामी है. अमेरिका एसे उत्पादों का आयात नहीं करेगा, क्यों कि यह उसके मूल्यों के खिलाफ है. अगर चीन अमेरिका को एसे उत्पादों का निर्यात करने की कोशिश करेगा, तो इससे अमेरिकी मजदूरों और व्यवसायों को भी नुकसान पहुंचेगा.

‘अमेरिकी सप्लाई चेन में अवैध श्रम, अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं’

केन कुइक्नेल्ली ने कहा कि अमेरिका (America) के राष्ट्रपति ट्रंप और उनका विभाग अमेरिकी मजदूरों और व्यवसायों को पहले रखकर नागरिकों को मानवाधिकारों का उल्लंघन नहीं करने देगा. सीबीपी के कार्यवाहक आयुक्त मार्क ए मॉर्गन ने कहा कि ट्रंप प्रशासन जबरन मजदूरी कराने वाली विदेशी कंपनियों के साथ खड़े होने की लापरवाही नहीं करेगा और न ही अमेरिकी कंपनियों को मानवाधिकार का उल्लंघन करने देगा. साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय समुदाय को साफ संदेश देना चाहता है कि अमेरिकी सप्लाई चेन में अवैध मजदूरी और अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

‘जबरन बनवाए गए सामान से अमेरिका की अखंडता को नुकसान’

सीबीपी (CBP) के ऑफिस ऑफ ट्रेड के कार्यकारी सहायक आयुक्त ब्रेंडा स्मिथ ने कहा कि सीबीपी ने चीन में कराए जा रहे अनैतिक और अमानवीय श्रम को देखते हुए आयात पर प्रतिबंध लगाया है. सीबीपी (CBP) इस मामले को अनदेखा नहीं करेगी. इसके साथ ही स्मिथ ने कहा कि अमेरिका की सप्लाई चेन में जबरन श्रम से बनवाया गया सामान देश की अखंडता को कम करेगा, अमेरिका के नागरिकों की मांग काफी बेहतर है. अमेरिका चीन की दमनकारी नीतियों के खिलाफ खड़ा है.

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