US की कोशिश- Asia Pacific में सिर न उठा पाए China, भारत समेत कई देशों को Fighter Jet ट्रेनिंग का ऑफर

सीनेट में इस बिल के जरिए अमेरिका (America) गुआम के यूएस पैसिफिक टैरिटरी (US Pacific Territory) में भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया में फाइटर जेट ट्रेनिंग देने के मौके तलाश रहा है.
eye on china aggression, US की कोशिश- Asia Pacific में सिर न उठा पाए China, भारत समेत कई देशों को Fighter Jet ट्रेनिंग का ऑफर

संयुक्त राज्य अमेरिका (America) ने भारत (India), जापान (Japan) और ऑस्ट्रेलिया (Australia) को फाइटर जेट ट्रेनिंग (Fighter Jet Training) देने का ऑफर दिया है. अमेरिका एशिया पैसिफिक (Asia Pacific) के अलावा लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर भारत के साथ चीन की आक्रामकता (Chinese Aggression) का मुकाबला करने के लिए कई योजना बना रहा है.

चीन पर लगाम लगाने की तैयारी में अमेरिका

अक्टूबर से शुरू होने वाले 2021 वित्तीय वर्ष के लिए नेशनल डिफेस ऑथोराइजेशन एक्ट (NDAA), जिसे अमेरिकी सीनेट ने गुरुवार को पेश किया. सीनेट में इस बिल के जरिए अमेरिका गुआम के यूएस पैसिफिक टैरिटरी में भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया में फाइटर जेट ट्रेनिंग देने के मौके तलाश रहा है.

ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कानून रक्षा मंत्री को भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया को शामिल करने के लिए सिंगापुर के साथ किए गए समझौते की ही तरह अमेरिका के अन्य सहयोगियों और एशिया पैसिफिक टैरिटरी के पार्टनर्स के साथ समझौतों की संभावना की व्यवहार्यता एवं गुणवत्ता का आकलन करते हुए एक रिपोर्ट कांग्रेस की रक्षा समितियों को सौंपने का निर्देश देता है.

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अमेरिकी सैनिकों की तैनाती कर चीन से मुकाबला

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने गुरुवार को कहा कि भारत और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के लिए चीनी खतरे के जवाब में अमेरिका अपने सैनिकों की तैनाती की समीक्षा कर उन्हें इस तरह से तैनात कर रहा है कि वे जरुरत पड़ने पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (चीन की सेना) का मुकाबला कर सकें.

छह महीने पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क ओशो और सिंगापुर के रक्षा मंत्री एनजी इंग हेन ने गुआम में एक फाइटर जेट ट्रेनिंग डिटेचमेंट स्थापित करने के लिए सिंगापुर के लिए एक समझौता ज्ञापन पर साइन किए थे.

चीनी खतरे को जापान ने किया स्वीकार

भारत के उभरते स्टैटेजिक पार्टनर और क्वाड्रीलेटरल के सदस्य जापान ने भी एशिया भर में चीन की सैन्य क्षमताओं और इरादों पर नजर रखने की आवश्यकताओं को हाईलाइट किया है. जापान के रक्षा मंत्री टैरो कोनो ने गुरुवार को टोक्यो में विदेशी मीडिया के लिए एक विशेष ब्रीफिंग में न केवल हार्ड पॉवर के क्षेत्र में, बल्कि साइबर स्पेस में भी चीन और उत्तर कोरिया से लगातार मिल रहे खतरे को स्वीकार किया. इस खतरे का अंदेशा जापान ने जापानी सेना द्वारा एक चीनी पनडुब्बी को जापानी जल से बाहर निकालने के बाद कही.

जापान के रक्षा मंत्री ने कहा कि हमें जापान के आसपास क्या हो रहा है, इसके बारे में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है. यह बात उन्होंने दक्षिण चीन सागर, हांगकांग और भारत के साथ अपनी सीमा पर चीन की हालिया कार्रवाइयों की ओर इशारा करते हुए कही.

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