ईरान पर सख्त हुआ अमेरिका, खामेनी और 8 शीर्ष सैन्य अफसरों पर लगा कड़ा प्रतिबंध

ईरान ने कहा था कि उसने बृहस्पतिवार को क्षेत्र में अमेरिका के एक ड्रोन को मार गिराया गया है जिसके कुछ दिन बाद ट्रंप ने नए प्रतिबंध लगाने का कदम उठाया है

वाशिंगटन: ईरान द्वारा अमेरिका के एक मानव रहित ड्रोन गिराए जाने के तुरंत बाद अमेरिका ने उस पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं. सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया है जिसके मुताबिक ईरान को अमेरिकी क्षेत्र में किसी भी बैंकिंग सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा.

इस फ़ैसले के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनी और उनकी सेना के आठ शीर्ष सैन्य कमांडर अमेरिका में वित्तीय सुविधाओं का लाभ नहीं ले पाएंगे.

ट्रंप ने वित्त मंत्री स्टीवन म्नूचिन की मौजूदगी में इस आदेश पर हस्ताक्षर किए.

ट्रंप ने कहा कि ‘अब ईरान पर पहले से कहीं ज्यादा सख्त प्रतिबंध लगेंगे और अमेरिकी क्षेत्र में तेहरान के सुप्रीम लीडर और दूसरे अधिकारी बैंकिंग सुविधा का लाभ नहीं ले पाएंगे.’

दरअसल ईरान ने कहा था कि उसने गुरुवार को एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया.

बताया जाता है कि इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने जवाबी हमले का आदेश भी दे दिया था पर उन्होंने कहा कि इससे 150 लोगों की जान जाती इसलिए अपने आदेश को 10 मिनट पहले उन्होंने वापस ले लिया.

सोमवार को अपने ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘हम ईरान या किसी दूसरे देश के साथ संघर्ष नहीं चाहते हैं. मैं आपको केवल इतना बताना चाहता हूं कि हम कभी भी ईरान को परमाणु हथियार बनाने नहीं देंगे.’

ट्रंप ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमने बहुत संयम दिखाया है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम भविष्य में भी सयंम दिखांएगे. हम तेहरान पर दबाव बढ़ाना जारी रखेंगे.’

पत्रकारों ने पूछा कि क्या यह कार्यकारी आदेश अमेरिकी ड्रोन पर ईरान के हमले का जवाब है? इस पर ट्रंप ने कहा, ‘आप इसे भी जोड़ सकते हैं.’ हालांकि उन्होंने आगे कहा कि यह तो हर हाल में होना था. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘मैं कई ईरानियों को जानता हूं जो न्यू यॉर्क में रहते हैं और वे शानदार लोग हैं.’

और पढ़ें- 1983 विश्‍व कप: जब कपिल देव को सबने कहा ‘पागल’, बिगड़ गया था श्रीकांत के हनीमून का प्‍लान

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को कहा था कि ईरान के साथ वार्ता के लिए कोई पूर्व शर्त नहीं है, सिवाय इसके कि वह उसे परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे.

सत्ता में आने के बाद ट्रम्प ने अमेरिका को ईरान परमाणु समझौते से हटा लिया था और तेहरान पर प्रतिबंध लगा दिए थे जो भारत जैसे देशों को ईरान से तेल खरीदने से रोकते हैं.

एनबीसी के ‘मीट द प्रेस’ में जब ट्रंप से सवाल किया गया था कि क्या ईरान के साथ बातचीत के लिए कोई पूर्व शर्त है, तो उन्होंने कहा था कि जहां तक ​​मेरा सवाल है, कोई पूर्व शर्त नहीं है.

चक टोड ने ट्रंप से सवाल किया कि क्या आप कहीं पर भी बात करेंगे?

ट्रम्प ने कहा था कि देखिये, आपके (ईरान के) पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते. यदि आप (ईरान) इसके बारे में बात करना चाहते हैं, तो अच्छा है. अन्यथा आप आने वाले लंबे समय में कमजोर होती अर्थव्यवस्था में रह सकते हैं.

और पढ़ें- और इस तरह 44 साल पहले आज ही के दिन लागू कर दी गई थी Emergency

ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका पश्चिम एशिया में एक मानव रहित ड्रोन को कथित तौर पर मार गिराने के जवाब में ईरान पर हमला करने की कगार पर था लेकिन उन्होंने आधे घंटे पहले अपनी अनुमति वापस ले ली.