कोर्ट का फैसला मेरे पक्ष में फिर भी बैंकों-देनदारों का कर्ज चुकाने को तैयार: विजय माल्या

ब्रिटेन की एक अदालत में भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई.

नई दिल्ली: लंदन स्थित ब्रिटेन हाई कोर्ट ने मंगलवार को भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को लोअर कोर्ट द्वारा उनके प्रत्यर्पण के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करने की अनुमति दे दी है.

शराब कारोबारी ने इस फ़ैसले पर ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, ‘भगवान की लीला अपरंपार है. सच की जीत हुई. लंदन हाई कोर्ट में दो जजों की खंडपीठ ने मुझे मजिस्ट्रेट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करने की अनुमति दी है. ये शुरुआती फ़ैसला सीबीआई द्वारा लगाए गए झूठे चार्जेस पर आधारित था. मैनें हमेशा कहा कि उन्होंने मुझ पर जो भी चार्ज लगाए हैं वो ग़लत है.’

हालांकि अगले ट्वीट में उन्होंने एक बार फिर से पैसे वापस करने की बात कही है. उन्होंने लिखा, ‘आज कोर्ट ने भले ही मेरे पक्ष में फ़ैसला सुनाया हो फिर भी मैं अपनी बात दोहराता हूं. मैनें किंगफिशर एयरलाइंस के नाम पर बैंको से जो भी कर्ज़ लिए हैं पूरा वापस करने को तैयार हूं. कृपया आप अपना पैसा ले लें. मैं अपने सभी कर्मचारियों और देनदारों के पैसे भी वापस करना चाहता हूं.’

बता दें कि ब्रिटेन की एक अदालत में भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई. माल्या ने ब्रिटेन के गृह मंत्री साजिद जाविद द्वारा उनके प्रत्यर्पण के आदेश पर हस्ताक्षर करने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने की अनुमति मांगी थी.

इससे पहले 5 अप्रैल को किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व प्रमुख 63 वर्षीय माल्या के भारत प्रत्यर्पित होने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दी गई थी. माल्या ने कोर्ट में अपील की थी कि उसे भारत प्रत्यर्पित न किया जाए.

विजय माल्या ने नए आवेदन पर मौखिक सुनवाई की मांग की थी. जिसके बाद लंदन में रॉयल कोर्ट आफ जस्टिस के प्रशासनिक अदालत खंड की दो जजों की पीठ अप्रैल में दायर इस अपील पर सुनवाई की.

ब्रिटेन की अदालत में भारत सरकार की ओर से पक्ष रखने वाले क्राउस प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) के एक प्रवक्ता ने कहा था कि विजय माल्या को प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील करने की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं, इस पर मौखिक सुनवाई मंगलवार को हुई.

बता दें कि माल्या को कथित रूप से 9,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग के मामले का सामना करने के लिए भारत को सौंपा जाना है. बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व प्रमुख 63 वर्षीय माल्या पहले ही दस्तावेज के जरिये अपील करने की छूट के मामले में ब्रिटेन के उच्च न्यायालय में हार चुके हैं.

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लंदन में रॉयल कोर्ट आफ जस्टिस के प्रशासनिक अदालत खंड की दो जजों की पीठ अप्रैल में दायर इस अपील पर सुनवाई करेगी.