क्या है नेपाल की संविधान संशोधन की प्रक्रिया, क्या वोटिंग के बाद तुरंत मंजूर हो जाएगा नया नक्शा, जानें

विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के समर्थन के ऐलान के बाद ही नेपाल (Nepal) की सत्तारूढ़ पार्टी ने संविधान संशोधन बिल के लिए रविवार का दिन तय किया था और रविवार को नेपाल के कानून मंत्री ने नेपाल के विवादित मैप को लेकर संविधान संशोधन बिल हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में पेश किया है.
process of amending the constitution of Nepal, क्या है नेपाल की संविधान संशोधन की प्रक्रिया, क्या वोटिंग के बाद तुरंत मंजूर हो जाएगा नया नक्शा, जानें

नेपाल की संसद में विवादित मैप से संबंधित संविधान संशोधन बिल लाया गया है. जानकारी के मुताबिक पिछली बार इस बिल का विरोध करने वाले नेपाली कांग्रेस (Nepal Congress) के सांसदों को इस बार नेपाली कांग्रेस सेंट्रल वर्किंग कमेटी की तरफ से इस बिल के समर्थन में वोट करने के लिए निर्देशित किया गया है. शनिवार को नेपाली कांग्रेस की बैठक में ये फैसला लिया गया.

विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के समर्थन के ऐलान के बाद ही नेपाल की सत्तारूढ़ पार्टी ने संविधान संशोधन बिल के लिए रविवार का दिन तय किया था और आज नेपाल के कानून मंत्री ने नेपाल (Nepal) के विवादित मैप को लेकर संविधान संशोधन बिल हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में पेश किया है. ऐसे में क्या नेपाल की संसद इस बिल को पास करेगी? ये बिल कैसे पास होगा? ऐसे तमाम सवाल लोगों के दिमाग में आ रहे हैं. आइए जानते हैं नेपाल की संसद में संविधान संशोधन की प्रक्रिया.

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नेपाल की संसद में संविधान संशोधन की प्रक्रिया काफी लंबी है. इस प्रक्रिया में 7 दिन लगते हैं. इस दौरान अगर किसी सदस्य को उस प्रस्तावित विधेयक में कोई संसोधन पेश करना होता है तो वो कर सकता है. भारतीय संसद में भी सदस्यों को ऐसा ही मौका मिलता है. नेपाल की संसद में इसके बाद 30 दिन का वक्ता होता है, जिसमें आम जनता से सलाह मांगी जाती है. इसके बाद वोटिंग होती है.

हालांकि पॉलिटिकल मैप के मामले में टीवी9 भारतवर्ष को नेपाल की संत्तारूढ़ दल के एक नेता ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को सात दिन में करने की कोशिश है, ताकि जल्द से जल्द वोटिंग करके इसे पारित किया जा सके. मालूम हो कि नेपाल ने हाल ही में भारत के कुछ इलाकों को अपने क्षेत्र में बताते हुए नया पॉलिटिकल मैप पेश किया है. जिसका भारत की ओर से कड़ा विरोध किया गया है.

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