लादेन से ज्‍यादा खूंखार था बगदादी पर उसके जितना शातिर नहीं था, जानें क्‍यों

ओसामा बिन लादेन ने भी कई लोगों को बंधक बनाया, इनमें से ज्‍यादातर को छोड़ भी दिया था, लेकिन उसने कभी लोगों को कत्‍ल करते हुए वीडियो नहीं बनाए.
abu bakr al baghdadi vs osama bin laden, लादेन से ज्‍यादा खूंखार था बगदादी पर उसके जितना शातिर नहीं था, जानें क्‍यों

नई दिल्‍ली: इस्‍लामिक स्‍टेट इराक एंड सीरिया का खूंखार आतंकी सरगना अबु बक्र अल बगदादी आखिरकार मारा गया. शनिवार रात (26 अक्‍टूबर 2019) सीरिया के इदलिब प्रांत के बरीशा गांव में अमेरिकी सेना ने उसे घेर लिया था. खुद को चारों ओर से घिरा देख बगदादी ने खुद को तीन बच्‍चों समेत आत्‍मघाती बम धमाके में उड़ा लिया.

बगदादी के खत्‍मे के बाद 2011 के उस ऑपरेशन की भी खूब चर्चा हो रही है, जिसमें ओसामा बिन लादेन मारा गया था. ओसामा और बगदादी में कौन ज्‍यादा खूंखार था? दोनों में से अमेरिका के लिए कौन ज्‍यादा आसान या मुश्किल शिकार रहा? दोनों में कौन ज्‍यादा कट्टर था? किसके पास आतंकी संगठन चलाने की क्षमता ज्‍यादा थी? मतलब दोनों ज्‍यादा शातिर कौन था?

दोनों आतंकियों सरगनाओं की तुलना करने पर सामने आता है कि ओसामा बिन लादेन का शिकार मतलब उसे मार गिराना अमेरिका के लिए ज्‍यादा कठिन था.

-लादेन और बगदादी में पहला फर्क यह है कि लादेन ने पूरा दुनिया में अल कायदा के जरिए आतंक का नेटवर्क खड़ा किया और अमेरिका से सीधे टक्‍कर ली. दूसरी ओर बगदादी का नेटवर्क और गतिविधियां मुख्‍यत: इराक और सीरिया तक ही सीमित रहीं. हालांकि, ISIS ने सोशल मीडिया के जरिए जिहाद के नाम पर युवकों को गुमराह किया और कई आतंकी हमले भी कराए, लेकिन ये हमले संगठित नेटवर्क का हिस्‍सा नहीं थे.

-आमतौर पर बगदादी लोगों से अपील करता और वे गुमराह युवक अपने ही स्‍तर पर जरूरी सामान जुटाकर हमलों को अंजाम दे देते थे. दूसरी ओर ओसामा बिन लादेन ने कभी ऐसा नहीं किया. उसने 9/11 जैसा आतंकी हमला कर सीधे अमेरिका को निशाना बनाया. लादेन प्‍लानिंग से लेकर हमलावारों के चुनाव तक सबकुछ अपनी या भरोसेमंद आतंकियों की मदद से किया करता था. मतलब वह अपने ही संगठन में लोगों को भर्ती कर, प्‍लानिंग बनाकर हमले कराता था.

-बगदादी और लादेन में मूल फर्क यह है कि लादेन ने अमेरिका समेत सभी पश्चिमी देशों के खिलाफ आतंक का रास्‍ता अपनाया, लेकिन वह कभी भी किसी जमीन के लिए नहीं लड़ा. दूसरी तरफ बगदादी ने इराक और सीरिया में शहरों पर कब्‍जा कर लिया.

-आतंकी हमलों की प्‍लानिंग, हमलों से होने वाले डैमेज, नई टेक्‍नोलॉजी के इस्‍तेमाल, पूरा का पूरा जासूसी का नेटवर्क, ये सब काम लादेन ने किसी प्रोफेशनल की तरह किए. इसके पीछे कारण यह था कि उसने सोवियत संघ के खिलाफ अमेरिकी सेना से ही ट्रेनिंग ली थी. दूसरी तरफ बगदादी जो कि लादेन से कहीं ज्‍यादा खूंखार था, लेकिन शातिर नहीं.

-ओसामा बिन लादेन ने आतंकी दुनिया में आने से पहले अपना नाम नहीं बदला. दूसरी तरफ बगदादी है, जो नाम बदलकर आतंक की दुनिया में आया.

-अबु बक्र अल बगदादी, ये नकली नाम है, ISIS सरगना का असली नाम था- इब्राहिम बिन अव्‍वाद बिन इब्राहिम बद्री अल राध्‍वी अल हुसैनी अल समराई.

-बगदादी कितना ज्‍यादा खूंखार था, इसका अंदाजा उसकी मौत देखकर ही लगाया जा सकता है, उसने खुद को सुसाइड बेल्‍ट से उड़ा लिया, जबकि लादेन की मौत के वक्‍त नेवी सील कमांडोज को ऐसी कोई सुसाइड बेल्‍ट नहीं मिल थी. मतलब वह मौत के लिए तैयार नहीं था, उसे अपने नेटवर्क और दिमाग पर भरोसा था और वह मानकर चल रहा था कि उसे कुछ होगा.

-लादेन के पीछे पाकिस्‍तान की पूरी सेना थी, जो उसकी जिंदगी की देखभाल ऐसे कर रही थी मानो वह उनके देश का राष्‍ट्रपति हो, यही कारण रहा कि अमेरिका पूरे एक दशक तक लादेन की तलाश में खाक छानता रहा.

-ओसामा बिन लादेन ने भी बगदादी की तरह कई लोगों को बंधक बनाया, इनमें से ज्‍यादातर को छोड़ भी दिया था, लेकिन उसने कभी लोगों को कत्‍ल करते हुए वीडियो नहीं बनाए.

-लादेन के ज्‍यादातर हमले अमेरिका और पश्चिमी देशों के सत्‍ता प्रतिष्‍ठानों या उनकी अर्थव्‍यवस्‍था को नुकसान पहुंचाने के मकसद से किए गए थे, लेकिन बगदादी ने तो इराक और सीरिया में ऐसा नरसंहार किया तो खून की नदिया बहा दीं.

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