आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ टेरर फंडिंग मामले में आनाकानी कर रहा PAK कोर्ट, फिर टाला फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 23 गवाहों के बयान दर्ज किए. जेयूडी सरगना को बीते साल जुलाई में सीटीडी द्वारा गिरफ्तार किया गया.
Anti Terrorism Court ATC, आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ टेरर फंडिंग मामले में आनाकानी कर रहा PAK कोर्ट, फिर टाला फैसला

लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) ने 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ आतंकवाद वित्तपोषण से जुड़े दो मामलों में फैसला 11 फरवरी तक के लिए टाल दिया है. हाफिज सईद प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) का सरगना है.

ये मामले आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) की लाहौर और गुजरांवाला शाखाओं द्वारा दाखिल किए गए हैं. सीटीडी के गुजरांवाला चैप्टर द्वारा दायर किए गए मामले की शुरुआत में गुजरांवाला एटीसी में सुनवाई हुई, लेकिन लाहौर हाई कोर्ट के निर्देशों पर इसे लाहौर शिफ्ट कर दिया गया.

दोनों मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 23 गवाहों के बयान दर्ज किए. जेयूडी सरगना को बीते साल जुलाई में सीटीडी द्वारा गिरफ्तार किया गया.

उसकी गिरफ्तारी से पहले जेयूडी नेताओं के खिलाफ 23 प्राथमिकी सीटीडी पुलिस स्टेशन लाहौर, गुजरांवाला, मुल्तान, फैसलाबाद व सरगोधा में जुलाई 2019 में दर्ज की गई. इनमें सईद व जेयूडी का एक अन्य प्रमुख आतंकी अब्दुल रहमान मक्की शामिल हैं.

डॉन न्यूज के मुताबिक, सीटीडी ने कहा है कि जेयूडी गैर-लाभकारी संगठनों और ट्रस्टों के माध्यम से एकत्र किए गए भारी धन से आतंकवाद का वित्तपोषण कर रहा था.

मुंबई आतंकवादी हमले क सरगना सईद व अन्य पर यह मामला अल अनफाल ट्रस्ट के जरिए धनशोधन व आतंक वित्तपोषण से संबंधित है. आतंकी संगठन जमात उद दावा के सरगना सईद पर आरोप है कि उसने धर्मार्थ संस्था की आड़ में आतंकी गतिविधियों के लिए धन एकत्र किया था.

ये भी पढ़ें-

CORONA VIRUS: जापान के क्रूज पर 61 संक्रमित, 6 भारतीय, हजारों लोगों की सांस अटकी

कोरोना वायरस के खिलाफ आर-पार की लड़ाई, भारतीय मूल के डॉक्टर की अगुवाई में बन रही वैक्सीन

Related Posts