‘शराब पीने से ठीक होगा Coronavirus’ अफवाह ने ईरान में ली 600 लोगों की जान, 3000 बीमार

ईरान की संसद में हुई बहस में देश को पूरी तरह से लॉकडाउन (Lockdown) करने के लिए मना किया गया. कहा गया कि यह योजना नौकरियों और बढ़ती उत्पादकता के खिलाफ है, जो अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाएगा.
Death by drinking in Iran corona, ‘शराब पीने से ठीक होगा Coronavirus’ अफवाह ने ईरान में ली 600 लोगों की जान, 3000 बीमार

कोरोना वायरस (CoronaVirus) के डर से ईरान (Iran) में जहरीली शराब पीने के चलते वहां मरने वालों की संख्या बढ़कर 600 हो गई. वहीं 3000 लोग अस्पताल में हैं. बताया जा रहा है कि यह जहरीली शराब इसलिए पी गई क्योंकि वहां यह अफवाह फैली थी कि शराब पीने से कोरोना वायरस के संक्रमण से छुटकारा पाया जा सकता है.

ईरान के मध्य पूर्वी क्षेत्र में कोरोना वायरस का प्रकोप सबसे ज्यादा है. अचानक अफवाह फैलने के बाद कुछ लोगों ने इलाज के उपाय की कोशिश में अल्कोहल पी लिया था. इससे 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 3000 अस्पताल में भर्ती हो गए. ईरान के नागरिकों के बीच गलत धारणा बन चुकी है की शराब कोरोना वायरस को ठीक कर सकती है.

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ईरान में कोरोना वायरस से 62,589 लोग संक्रमित हो चुके हैं और करीब 3,872 मौतें हो चुकी हैं. ईरान के न्यायिक प्रवक्ता घोलम होसैन एसमेली (Gholam Hossein Esmeli) ने मंगलवार को कहा, “शराब का सेवन कोरोना वायरस का इलाज नहीं है बल्कि यह और भी ज्यादा घातक हो सकता है.  मरने वालों की संख्या हमारी उम्मीद से भी बहुत ज्यादा है.”

उन्होंने तस्नीम समाचार एजेंसी से कहा,”नागरिकों को मौत और नुकसान पहुंचाने के लिए, उनके आपराधिक कृत्यों के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.” अभी तक कोरोना वायरस के इलाज के लिए कोई से स्थायी इलाज नहीं है. केवल कुछ ऐसी चुनिंदा दवाओं की पहचान की गई है जिससे कोरोना के शुरूआती लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है.

कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद ईरान की संसद ने मंगलवार को पहली बैठक बुलाई, जिसमें विधायिका दो तिहाई से ज्यादा, 290 सदस्य उपस्थित हुए. इस बैठक में अनुभवी राजनीतिज्ञ और वक्ता अली लारीजानी (Ali Larijani) अनुपस्थित रहे जिन्होंने पिछले सप्ताह कोविड-19 (Covid-19) के लिए एक सकारात्मक परीक्षण किया था.

उद्घाटन सत्र के राज्य टेलीविजन फुटेज में कुछ सांसदों को वायरस के प्रसार को रोकने के लिए दिए गए दिशानिर्देशों में सामाजिक गड़बड़ी दिखाई दी.

संसद में हुई बहस में देश को पूरी तरह से लॉकडाउन (Lockdown) करने के लिए मना किया गया. कहा गया कि यह योजना नौकरियों और बढ़ती उत्पादकता के खिलाफ है, जो अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाएगा. कोरोनावायरस को रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को बंद करने और कई यात्राओं पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया गया है.

कम जोखिम वाले व्यवसायों को, स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शनिवार से फिर से खोलने की अनुमति दी गई है. हालांकि अभी अधिकारियों को यह नहीं बताया गया है कि कम जोखिम वाले व्यवसाय कौन से हैं. निकाय ने कहा कि केवल दो तिहाई लोक सेवकों को काम पर जाना चाहिए और बाकी लोगों को घर से ही काम करना चाहिए.

स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) ने संसद में कहा अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच युद्ध के समय हम उद्योगों और उत्पादन को बंद नहीं कर सकते हैं. अर्थव्यवस्था को फिर से खोलने का मतलब अर्थव्यवस्था को बचाना है.

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