भारी विरोध के बाद हॉन्ग कॉन्ग में चीन का विभाजक प्रत्यर्पण कानून निलंबित

एक हफ्ते तक हुए भारी विरोध प्रदर्शन की बाद झुकी चीन सरकार

हॉन्ग कॉन्ग में चीन को प्रत्यर्पण की अनुमति देने वाला विभाजक कानून लागू नहीं होगा. चीन समर्थक मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैरी लैम ने शनिवार को ये बात बताई. चीन की सरकार इसे लागू करने को लेकर सख्त थी. एक हफ्ते से लगातार बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे थे जिसके बाद सरकार ने अपना रुख बदला. लैम ने मीडिया के सामने कहा कि सरकार ने विधेयक में बदलाव की प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित करने का फैसला किया है.

बताते चलें कि हॉन्ग कॉन्ग में होने वाला ये विरोध 1997 के बाद दूसरा सबसे बड़ा विरोध था. 1997 में हॉन्ग कॉन्ग को चीन को सौंपे जाने के खिलाफ ऐसा ही विरोध प्रदर्शन हुआ था. इस नए कानून के में प्रावधान था कि ऐसे आरोपियों को चीन को सौंप दिया जाएगा जिनके अपराध साबित होने पर 7 साल या उससे ज्यादा की सज़ा हुई है.

Hong Kong, भारी विरोध के बाद हॉन्ग कॉन्ग में चीन का विभाजक प्रत्यर्पण कानून निलंबित

इस प्रत्यर्पण कानून को खत्म करने के लिए पिछले एक हफ्ते में रिकॉर्ड प्रदर्शन हुए. बुधवार को प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट्स का इस्तेमाल किया. कहा जा रहा है कि उस रैली में लगभग दस लाख लोगों ने हिस्सा लिया. इसी प्रदर्शन का नतीजा था कि लैम के ऊपर भारी दबाव बना. उनकी पार्टी के अंदर भी विरोध के स्वर उठे. आखिर शनिवार को लैम ने ऐलान किया कि ये कानून लागू नहीं हो रहा.