पुलवामा पर मुशर्रफ चिढ़ाने वाला बयान, ‘मोदी के दिल में कोई आग नहीं’

नई दिल्‍ली। पुलवामा आतंकी हमले में 40 सीआरपीएफ जवानों की मौत के बाद भारत और पाकिस्‍तान के बीच छिड़ी जुबानी जंग में अब पूर्व राष्‍ट्रपति परवेज मुशर्रफ भी कूद गए हैं. बुधवार को पुलवामा हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्‍तान के पूर्व तानाशाह ने कहा, ‘यह दुखद है…बहुत भयावह…इस बात में कोई दोराय नहीं है […]

नई दिल्‍ली। पुलवामा आतंकी हमले में 40 सीआरपीएफ जवानों की मौत के बाद भारत और पाकिस्‍तान के बीच छिड़ी जुबानी जंग में अब पूर्व राष्‍ट्रपति परवेज मुशर्रफ भी कूद गए हैं. बुधवार को पुलवामा हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्‍तान के पूर्व तानाशाह ने कहा, ‘यह दुखद है…बहुत भयावह…इस बात में कोई दोराय नहीं है और मेरे दिल में जैश ए मोहम्‍मद के सरगना मसूद अजहर के लिए कोई हमदर्दी नहीं है. उसने मुझे जान से मारने की कोशिश की, लेकिन इससे यह बात पुष्‍ट नहीं होती है इसमें (पुलवामा हमले में) पाकिस्‍तान सरकार की कोई भूमिका रही.’ इंडिया टुडे को दिए इंटरव्‍यू में मुशर्रफ ने पीएम नरेंद्र मोदी के उस पर पलटवार किया, जिसमें उन्‍होंने पुलवामा आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा था, ‘जो आग आपके दिल में है, वही आग मेरे दिल में भी है.’

परवेज मुशर्रफ ने कहा, ‘मोदी के दिल में इन लोगों (पुलवामा में मारे गए सीआरपीएफ जवानों) के लिए कोई आग नहीं है. अगर होती है तो पहले वो कश्‍मीर का मसला सुलझाते.’ उन्‍होंने कहा कि मोदी के पास जवानों के लिए रियल इमोशन नहीं है. इंटरव्‍यू में परवेज मुशर्रफ पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का बचाव करते भी दिखे. उन्‍होंने कहा कि पुलवामा के लिए भारत गलत तरीके से पाकिस्‍तान को दोषी ठहरा रहा है. उन्‍होंने कहा, ‘मैं खुद सेना में 40 साल काम कर चुका हूं. पुलवामा में शहीद हुए जवानों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं और उनके परिवार के प्रति दुख जाहिर करता हूं.’

इंटरव्‍यू के दौरान जंग की बात करते-करते परवेज मुशर्रफ भावुक हो गए. उन्‍होंने कहा, ’71 की लड़ाई में मेरा खास दोस्त मारा गया था, 65 की जंग में भी साथी खोया. मैं जानता हूं कि जंग के नतीजे क्या होते हैं और परिवार पर क्या बीतती है.’ परवेज मुशर्रफ ने कहा कि मैं जानता हूं भारतीय टीवी चैनलों पर क्या चल रहा है. प्रधानमंत्री से लेकर हर कोई हमले के तुरंत बाद से पाकिस्तान को गालियां दे रहा है, जबकि इसके कोई सबूत अब तक नहीं हैं. बगैर किसी जांच के पाकिस्तान को दोषी ठहराया जा रहा है.