अब चीन को धोखा देने की तैयारी में पाक, सऊदी अरब के कंधे पर रख चलाएगा बंदूक!

Share this on WhatsAppनई दिल्ली: सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान रविवार को अपने पहले दौरे पर पाकिस्‍तान की राजधानी इस्‍लामाबाद पहुंचे. दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग के लिए 20 अरब डॉलर के समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए. उनके स्वागत के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान, सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा मौजूद थे. […]

नई दिल्ली: सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान रविवार को अपने पहले दौरे पर पाकिस्‍तान की राजधानी इस्‍लामाबाद पहुंचे. दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग के लिए 20 अरब डॉलर के समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए. उनके स्वागत के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान, सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा मौजूद थे.

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पाकिस्तान के आर्थिक भविष्य पर बोलते हुए कहा कि उनका देश प्रधानमंत्री इमरान खान जैसे नेतृत्व के साथ साझेदारी करने की प्रतीक्षा कर रहा था. ‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार, क्राउन प्रिंस ने यहां पहुंचने के बाद रविवार रात प्रधानमंत्री आवास पर एक डिनर को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सभी सऊदी लोगों का एक ‘प्रिय देश’ रहा है और दोनों देश कठिन और अच्छे समय में एक साथ चले हैं. प्रधानमंत्री इमरान खान ने स्वागत समारोह में अपने भाषण के दौरान कहा कि सऊदी अरब पाकिस्तान का हमेशा ‘दोस्त’ रहा है। उन्होंने रियाद को चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपेक) और बीजिंग के साथ पाकिस्तान के करीबी संबंधों से लाभ उठाने के लिए भी आमंत्रित किया.

जमीन ही नहीं, हवा में भी दी सुरक्षा

क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान जब पाकिस्तान पहुंचे तो उनका शानदार स्वागत किया गया, आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान ने पैसा पानी की तरह बहाया. क्राउन प्रिंस का विमान जब पाकिस्तानी वायुक्षेत्र में आया तो उसे लड़ाकू विमानों ने एस्कार्ट किया. इसके अलावा संसद भवन पर सलमान की 120 फुट ऊंची तस्वीर लगाई गईऔर वहां पहुंचने पर उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई. प्रोटोकॉल तोड़ते हुए खुद पाक पीएम इमरान खान मोहम्मद बिन सलमान को पीएम हाउस ले गए.

क्यों चापलूसी में लगा है पाक

इस चापलूसी की वजह साफ है, इमरान ख़ान को पैसा चाहिए. एक रिपोर्ट के अनुसार स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार देश का विदेशी मुद्रा भंडार घट कर सिर्फ़ 7.05 अरब डॉलर ही रह गया है और देश चलाने के लिए पैसों की ज़रूरत है. प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही इमरान खान कई देशों से मदद मांग रहे हैं.

सऊदी अरब को क्या होगा फायदा

यमन में हो रहे गृहयुद्ध और पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सऊदी अरब की छवि खराब हुई है. ऐसे में क्राउन प्रिंस दूसरे देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करना चाहते हैं. इसके अलावा पाकिस्तान के चीन के साथ बढ़ते संबंधों को भी सऊदी अरबकाउंटर करना चाहता है.

भारत भी आएंगे प्रिंस

पाकिस्तान की यात्रा के बाद प्रिंस सलमान 19 फरवरी को भारत आएंगे. सऊदी अरब ने कहा कि वह आतंकवाद और चरमपंथ के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ है. 2014 में सत्ता में आने के बाद से भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो बार सऊदी अरब का दौरा कर चुके हैं.

भारत और सऊदी के आर्थिक रिश्ते गहरे हुए हैं जिससे पाकिस्तान चिंतित हुआ है लेकिन अभी भी भारत-सऊदी का रिश्ता उतना पक्का नहीं हुआ है जितना सऊदी-पाकिस्तान का है और इसका सबसे बड़ा कारण है मिलिट्री सपोर्ट. जो मिलिट्री सपोर्ट पाकिस्तान से रियाद को मिल सकता है वैसा भारत तो नहीं दे सकता. इसके अलावा भारत के ईरान, क़तर और इसराइल के साथ रिश्ते मजबूत हुए हैं और सऊदी अरब की इन राष्ट्रों से नहीं बनती जो भारत के लिए नकारात्मक साबित हो सकता है.

सीपीईसी तो बहाना है चीन को निशाना बनाना है

चीन और पाकिस्तान की परियोजना चाइना-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर यानी सीपीईसी में सेंध लगाकर सऊदी अरब अपनी विदेश नीति को मजबूत करना चाहता है. सऊदी अरब के साथ चीन के अच्छे संबंध हैं और ऐसे में अगर सऊदी की एंट्री होती है तो चीन का प्रभाव कम होगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *